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बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर को लेकर घमासान, प्रवेश वर्मा ने AAP से पूछे तीखे सवाल, कहा- डिजाइन भी आपका, टेंडर भी आपका

Barapullah Phase-3 Traffic: दिल्ली के बहुचर्चित बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर को लेकर दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर को लेकर मचा घमासान (फोटो साभार: X)

Photo : Twitter

Barapullah Phase-3 Traffic: दिल्ली के बहुचर्चित बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर को लेकर दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि बारापुला फ्लाईओवर का डिजाइन, टेंडर और काम से जुड़े अहम फैसले आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में ही तय किए गए थे। उनके मुताबिक, वर्ष 2015 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2017 तक यानी करीब 30 महीने में पूरा होना था, लेकिन इसे पूरा होने में करीब 9 साल लग गए। फ्लाईओवर को 29 सितंबर 2026 को जनता को समर्पित किया गया।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि फ्लाईओवर में कुल 298 पिलर बनने थे और भाजपा सरकार के सत्ता संभालने से पहले ही करीब 80-86 फीसदी काम पूरा हो चुका था। उनका सवाल था कि जब डिजाइन और कॉन्ट्रैक्ट पहले ही तय हो चुके थे, तो परियोजना को तय समय में पूरा क्यों नहीं किया गया।

964 करोड़ से 1,600 करोड़ से ज्यादा पहुंची लागत

भाजपा के मुताबिक, बारापुला फेज-3 का शुरुआती टेंडर करीब 964 करोड़ रुपये का था। देरी, एस्केलेशन और आर्बिट्रेशन के बाद परियोजना की लागत करीब 1,600 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। मौजूदा सरकारी रिकॉर्ड और रिपोर्टों में अंतिम लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।

प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि करीब 640 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान ठेकेदार को किया गया। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे और परियोजना में हुई देरी का जवाब आम आदमी पार्टी को देना चाहिए।

‘2015 में ही भविष्य के ट्रैफिक का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?’

फ्लाईओवर शुरू होने के बाद सामने आई ट्रैफिक समस्या को लेकर भी भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। प्रवेश वर्मा ने कहा कि वर्ष 2015 में जब इसका डिजाइन तैयार किया जा रहा था, तब बढ़ते ट्रैफिक को ध्यान में रखकर अगले कई दशकों की जरूरत के हिसाब से योजना बननी चाहिए थी।

बारापुला फेज-3 शुरू होने के बाद सराय काले खां इलाके में ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या सामने आई है। हालिया रिपोर्टों में भी इस हिस्से में कई लेन के संकरे हिस्से में मिलने को ट्रैफिक Bottleneck की वजह बताया गया है।

‘10-15 दिन में दिखेगा बदलाव’ प्रवेश वर्मा

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक की गई है और सराय काले खां से आईटीओ तक ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे के पास यू-टर्न बनाने का काम पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है और अगले 10-15 दिनों में ट्रैफिक में कुछ राहत दिखाई देने की उम्मीद है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि अभी हर व्यक्ति नई सड़क और फ्लाईओवर का इस्तेमाल करना चाहता है, इसलिए शुरुआती दिनों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है।

‘100 साल की सोच के साथ बनना चाहिए था फ्लाईओवर’

प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जितने आकार और डिजाइन का प्रावधान किया, उसी के मुताबिक निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट सिर्फ तत्काल जरूरत के लिए नहीं, बल्कि लंबी अवधि और भविष्य की पीढ़ियों को ध्यान में रखकर बनाए जाने चाहिए।

‘AAP बताए, बारापुला का जिम्मेदार कौन?’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश वर्मा ने बार-बार सवाल उठाया कि अगर डिजाइन 2015 में मंजूर हुआ, टेंडर पिछली सरकार के समय दिया गया और प्रोजेक्ट की समयसीमा अक्टूबर 2017 थी, तो आखिर 9 साल की देरी के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने AAP से जवाब मांगते हुए कहा कि डिजाइन आपने तय किया, कॉन्ट्रैक्ट आपने दिया और प्रोजेक्ट में बड़ी देरी हुई अब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रवेश वर्मा ने इस देरी के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पर FIR की चेतावनी

मंत्री ने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। बारापुला फेज-3 को लेकर अब बहस सिर्फ इसके निर्माण में हुई देरी और बढ़ी लागत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके शुरू होने के बाद सामने आई ट्रैफिक व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा बन गई है। एक तरफ सरकार इसे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी के लिए अहम प्रोजेक्ट बता रही है, वहीं दूसरी तरफ शुरुआती दिनों में सामने आए जाम ने इसकी ट्रैफिक प्लानिंग पर सवाल खड़े किए हैं

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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