देश

फिर विवादों में बागेश्वर धाम वाले बाबा, अब कांग्रेस ने खोला धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मोर्चा

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 17, 2023, 10:35 PM IST

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के मुंबई सत्संग का कांग्रेस विरोध कर रही है। राज्य कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कार्यक्रम की इजाजत नहीं देने की मांग की है।

Image

बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री

Photo : PTI

Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं। इस बार उनके खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोला है, जिसके बाद महाराष्ट्र में होने वाले उनके सत्संग कार्यक्रम पर संकट के बादल घिर गए हैं। दरअसल, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने सरकार को चिट्ठी लिखकर धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम को अनुमति नहीं देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र एक विकासशील राज्य है, इस राज्य में अंधविश्वास फैलाने वाले व्यक्ति का कोई स्थान नहीं है।

बता दें में मुंबई में धीरेंद्र शास्त्री का सत्संग कार्यक्रम में 18-19 मार्च को आयोजित होना है। वह देश के कई प्रमुख शहरों में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, अब कांग्रेस ने मुंबई में होने वाले कार्यक्रम का विरोध करने का फैसला किया है।

धीरेंद्र शास्त्री ने किया संत तुकाराम महाराज का अपमान- कांग्रेस

राज्य कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। मीडिया से बात करते हुए पटोले ने कहा है कि बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने संत तुकाराम महाराज का अपमान किया है। कांग्रेस हिंदुओं का सम्मान करती है। जब भी उनके भाजपा के पापा सामने आने वाले होते हैं तो वह हिंदुओं को सामने लाती है। आज किसान खुदकुशी कर रहे हैं, वे हिंदू हैं, बीजेपी उन्हें क्यों नहीं बचा रही?

कई दिनों से चर्चा में हैं धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री बीते कई दिनों से चर्चा में हैं। अपने कार्यक्रमों में लोगों की मन की बात जानने और विशेष सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के कारण वह कई संगठनों के भी निशानें पर हैं। बता दें, धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों में लाखों की संख्या में भीड़ पहुंचती है। सोशल मीडिया पर भी उनके कई वीडियो वायरल होते रहते हैं, जिसमें उनके कार्यक्रमों में लाखोंं की भीड़ दिखाई देती है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article