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Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी, मुंबई पुलिस ने पकड़ा 16वां आरोपी

Baba Siddiqui Murder Case:एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी हुई है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने बताया कि गौरव विलास अपुने (23) नामक व्यक्ति को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी है।

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बाबा सिद्धीकी हत्याकांड।

Photo : Twitter

Baba Siddiqui Murder Case: एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी हुई है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने बताया कि गौरव विलास अप्पुने (23) नामक व्यक्ति को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि उसे हत्याकांड की पूरी जानकारी थी। मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी है।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गौरव ने हत्या की योजना बनाने के लिए कई बार अन्य आरोपियों से मुलाकात की थी।

गौरव उन शूटरों के पहले बैच के संपर्क में था जिन्हें पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या का ठेका दिया गया था। बाद में शूटर पीछे हट गए। क्राइम ब्रांच की टीम गौरव को बुधवार को कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड मांगेगी।

12 अक्टूबर को हुई थी हत्या

एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा में उनके बेटे जीशान के ऑफिस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। गैंग का कहना है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या अभिनेता सलमान खान से उनके करीबी संबंधों के कारण की गई। इससे पहले बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के एक गवाह को 5 करोड़ रुपये की धमकी वाला कॉल आया था। पुलिस ने बताया कि कॉल करने वाला लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। शिकायत के आधार पर खार पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।

मुंबई पुलिस को मास्टरमाइंड की अब भी तलाश

गवाह ने पुलिस को बताया था कि कुछ दिन पहले उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा फोन किया था, जिसमें 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। फोन करने वाले ने धमकी दी थी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वह उसे जान से मार देगा। इस बीच, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा हत्या के मास्टरमाइंड जीशान अख्तर की तलाश में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर रही है। अख्तर की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार कथित तौर पर राजस्थान से लाए गए थे। अब तक पांच हथियार जब्त किए जा चुके हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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