Azam khan Case: उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी नेता आजम खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए विवादित बयान को लेकर कोर्ट ने उन्हें दोषी करार माना है। आजम खान ने विवादित बयान देते हुए कहा था, "ये तनखइया हैं,इनसे जूते साफ कराऊंगा" केस में अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान का ये बयान काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद चुनाव आचार संहिता में इस मामले में शिकायत कर दर्ज करवाई गई थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान ने चुनावी सभा के दौरान तत्कालीन डीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था (सब डटे रहो, यह कलेक्टर पलेक्टर से मत डरियो, यह तन्खईया है तन्खईयों से नहीं डरते और देखे हैं कई मायावती जी के फोटो कैसे बड़े-बड़े अफसर रूमाल निकाल कर जूते साफ कर रहे हैं। हां उन्हीं से है गठबंधन उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह नें चाहा)।
वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने आजम खान पर संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए। तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के ARO घनश्याम त्रिपाठी ने भोट थाने में केस दर्ज कराया।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, सुनवाई पूरी होने और गवाहों के बयान होने के बाद अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष की दलीलें कोर्ट ने मानीं
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुरजोर तरीके से अदालत के सामने दलील रखी कि आजम खान ने सार्वजनिक मंच का उपयोग कर एक ऑन-ड्यूटी सरकारी अधिकारी के खिलाफ जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, वह न सिर्फ अमर्यादित है बल्कि कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी बहस और सबूतों को देखने के बाद आजम खान को दोषी माना।
