कोलकाता के गिरिश पार्क इलाके में शनिवार को टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इलाके में हुई तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर गिरिश पार्क पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। घटना के दौरान हुई झड़प में आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2026 को दर्ज इस केस (गिरिश पार्क पीएस केस नंबर-40) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं के साथ पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज प्रिवेंशन एक्ट (PDPP Act) और वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट (WBMPO Act) की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पीएम मोदी की रैली से पहले हुई हिंसक झड़प
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली रैली से ठीक पहले टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी और बीजेपी के एक नेता के घायल होने की खबर है। यह टकराव गिरिश पार्क इलाके में हुआ, जो रैली स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर है। बताया जा रहा है कि बीजेपी समर्थक प्रधानमंत्री मोदी की रैली में शामिल होने के लिए मार्च करते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड की ओर जा रहे थे, तभी दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
शशि पांजा के घर पर भी पत्थरबाजी
इस दौरान टीएमसी की वरिष्ठ नेता और राज्य की मंत्री शशि पांजा के घर पर भी पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा है। पांजा ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि हमलावरों ने उनके घर के बाहर से ईंट-पत्थर फेंके, जिससे उन्हें पेट में चोट लगी और उनके कई समर्थक तथा कार्यालय कर्मचारी भी घायल हो गए। पांजा ने आरोप लगाया कि हमलावर उन्हें जान से मारना चाहते थे। उन्होंने कहा, “क्या यही बीजेपी का ‘परिवर्तन’ है कि एक महिला मंत्री के घर और परिवार पर हमला किया जाए?” मंत्री ब्रात्य बसु ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार किसी मंत्री के आवास पर इस तरह की भीड़ ने हमला किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों दलों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और नारेबाजी की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान बोबाजार थाने के प्रभारी बप्पादित्य नस्कर भी घायल हो गए।
बीजेपी ने भी लगाया आरोप
बीजेपी ने भी आरोप लगाया कि उसके उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमाघ्नो घोष और कई कार्यकर्ता इस झड़प में घायल हुए हैं। घोष को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि रैली में जा रहे उनके समर्थकों पर बिना उकसावे के हमला किया गया और उनकी बसों समेत कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हमला बीजेपी समर्थकों ने ही किया और यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित था।
वहीं, बाद में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बिना सीधे घटना का उल्लेख किए आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों को ब्रिगेड रैली तक पहुंचने से रोकने के लिए पुल बंद किए गए और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने बड़ी संख्या में बल तैनात कर इलाके में स्थिति को नियंत्रित कर लिया। तनाव के कारण आसपास के कई दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद कर दीं।
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