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दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी आज लेंगी शपथ, जान लीजिए टाइमिंग

Atishi Oath Ceremony: दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना शनिवार शाम को शपथ लेंगी। अधिकारियों ने इससे जुड़ी जानकारी साझा की है। आतिशी के साथ-साथ 5 नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे।

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21 सितंबर को शपथ लेंगी आतिशी।

Delhi CM Oath Ceremony: दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार शाम को राज निवास में होगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शपथ ग्रहण समारोह के समय के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आ चुकी है।

आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आतिशी को शपथ ग्रहण की तिथि से दिल्ली का मुख्यमंत्री नियुक्त किया और अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा स्वीकार किया। राष्ट्रपति ने 5 मंत्रियों की नियुक्ति को मंजूरी दी। राज निवास में शपथ ग्रहण समारोह 21 सितंबर को होगा।

आतिशी के साथ कितने नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे?

राज निवास में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शनिवार को आतिशी के साथ-साथ कुल 5 मंत्री शपथ लेंगे। इनमें सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत का नाम शामिल है। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि "सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शपथ ग्रहण समारोह शनिवार दोपहर या शाम को आयोजित होने की उम्मीद है।"

आतिशी के मंत्रिपरिषद में कौन-कौन

  1. गोपाल राय
  2. कैलाश गहलोत
  3. सौरभ भारद्वाज
  4. इमरान हुसैन
  5. मुकेश अहलावत

क्या हो सकती है आतिशी के शपथ ग्रहण की टाइमिंग?

आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने दावा किया कि शपथ ग्रहण समारोह शनिवार शाम करीब 4:30 बजे हो सकता है। सूत्रों ने दावा किया था कि सरकार गठन और शपथ ग्रहण की अधिसूचना उपराज्यपाल कार्यालय को शुक्रवार देर रात या अगले दिन प्राप्त हो जाने की उम्मीद है। जिसके बाद गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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