Shaista parveen used Face Time ID: अतीक अहमद की हत्या मामले में जैसे-जैसे पुलिस का पड़ताल आगे बढ़ रही है वैसै-वैसै तमाम खुलासे सामने आ रहे हैं, अब मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि पुलिस की जांच में सामने आ रहा है कि माफिया अतीक की बीवी शाइस्त फेस टाइम एप पर बात करती थी।
इस मामले में अतीक के चौथे बेटे पर शिकंजा कसने की बात भी सामने आ रही है, कहा जा रहा है कि अतीक के करीबी वकील खान सौलत के खुलासे में अतीक का नाबालिग बेटा अहजम का नाम भी आया यानी अब अतीक का ये चौथा बेटा अहमज भी जांच के दायरे में है, माना जा रहा है कि जांच का दायरा बढ़ने पर उससे भी पूछताछ हो सकती है, अहजम अतीक का चौथे नंबर का बेटा है और फिलहाल बाल गृह में है।
Face Time ID का हुआ इस्तेमाल!
उमेश हत्याकांड की साजिश में फेस टाइम आईडी का इस्तेमाल हुआ था, ऐसा बताया जा रहा है कि कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के दौरान खान सौलत हनीफ ने अपना आईफोन बरामद कराया था इसके बाद ही इस बात का खुलासा हुआ कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश को लेकर हुई बातचीत के लिए अतीक और उससे जुड़े लोग फेस टाइम एप (Face Time ID) का इस्तेमाल करते थे, इसमें thakur008@icloud.com नाम की आईडी का इस्तेमाल हुआ था, कहा जा रहा कि ये आईडी अतीक अहमद के बेटे अहजम की है।
शाइस्ता परवीन के समर्थन में अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि शाइस्ता के नाम से पहले माफिया लगाना कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि यूपी की पुलिस को सीएम और बीजेपी चला रही है। गौर हो कि उमेश पाल मर्डर केस की आरोपी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है, यूपी एसटीएफ उसे ढूंढ रही है। लेकिन उसका अता पता नहीं है। इन सबके बीच एफआईआर में शाइस्ता को माफिया नाम दिया गया है। लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि शाइस्ता को माफिया नाम से संबोधित नहीं करना चाहिए। ये पुलिस की नहीं सीएम और बीजेपी की भाषा है, पुलिस को सीएम और बीजेपी चला रही है।
उमेश पाल मर्डर केस में शाइस्ता को षड़यंत्रकारी के तौर पर बताया गया है
कानपुर में रोड शो के दौरान उन्होंने कहा कि आखिर यह कहां तक सही है कि एक महिला को माफिया का विशेषण दे दिया जाए। बता दें कि उमेश पाल मर्डर केस में शाइस्ता को षड़यंत्रकारी के तौर पर बताया गया है। पुलिस का कहना है कि अब तक की सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला है कि उसे छोटी बड़ी हर जानकारी थी। शाइस्ता परवीन के बारे में बताया जा रहा है कि वो अतीक और अशरफ के जनाजे में शामिल होना चाहती थी। इसके लिए वो प्रयागराज के खुल्दाबाद में ही रुकी थी। लेकिन टीवी के माध्यम से कसारी मसारी कब्रिस्तान पर पुलिसिया बंदोबस्त के बारे में जानकारी मिली तो उसने ऐन वक्त पर अपनी योजना को बदल दिया। जिस समय वो खुल्दाबाद में रुकी हुई थी उस वक्त उसके साथ शूटर साबिर भी था।
