Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर न्याय की मांग तेज होती नजर आ रही है। इस मामले में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी के नाम को लेकर अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने अब सिक्किम के राज्यपाल से इस्तीफे की मांग उठाई है।
अंकिता के परिजनों को राजघाट से पुलिस ने हटाया
अंकिता भंडारी के माता-पिता को बुधवार को राजघाट से पुलिस उठाकर ले गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजघाट से जब अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी को हटाया गया तो वह बेहोश हो गईं। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एनजीओ संचालिका योगिता भयाना ने अंकिता के माता-पिता का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किया। बताया जा रहा है कि अंकिता की मां को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। योगिता भयाना ने अंकिता की मां की एक तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अंकिता की मां के साथ दिल्ली पुलिस ने जिस तरह की सख्ती और असंवेदनशीलता दिखाई, वह बेहद चौंकाने वाला है। यह पूरी घटना स्तब्ध करने वाली है।
वीरेंद्र भंडारी ने दोहराई अपनी मांग
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि जब तक मामले की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल के पद पर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ''जैसे हम 14 अक्टूबर 2026 को इंडिया गेट पर बैठे थे और वहां पर हमने प्रदर्शन किया था... इस दौरान केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से आग्रह किया गया था कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सिक्किम के राज्यपाल की नियुक्ति नहीं की जाए। हालांकि, हमारी मांग के बावजूद नियुक्ति हुई।''
उन्होंने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के नारको टेस्ट की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि पहले सुरेश राठौर और उसके बाद उर्मिला सनावर का एक हफ्ते या 10 दिन के भीतर नारको टेस्ट कराया जाना चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले में साजिश के तहत कार्रवाई कर रही है और उर्मिला सनावर को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का भी जिक्र किया। वीरेंद्र भंडारी ने सरकार से मांग दोहराई कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक सिक्किम के राज्यपाल से इस्तीफा लिया जाए और नारको टेस्ट की मांग पर भी कार्रवाई की जाए।
प्रार्थना करने राजघाट गए परिजन
योगिता भयाना के साथ बुधवार की शाम अंकिता के माता-पिता भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि आज राजघाट पर हम अंकिता के माता-पिता के साथ शांतिपूर्ण प्रार्थना करने गए थे। वहां पर हम कुछ देर बैठे, प्रार्थन की और जब बाहर निकले तो मीडिया से बात करके जब हम जा रहे थे तो घसीटकर अंकिता के परिजनों को ले जा रहे थे। तभी अंकिता की मां बेहोश हो गईं।
