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भारत-कनाडा के बीच पहली बार हुआ रक्षा संवाद, 2023 के तनाव के बाद रिश्तों में नई दिशा

India Canada Defence Dialogue: भारत और कनाडा के बीच 2023 में गंभीर कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ था, जिसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ा था। हालांकि, अब दोनों देश अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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भारत-कनाडा के बीच पहली बार हुआ रक्षा संवाद (फोटो साभार- @narendramodi)

India Canada Defence Dialogue: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच दोनों देशों ने पहली बार रक्षा संवाद आयोजित किया। 3 नवंबर को वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक को रक्षा और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह पहल ऐसे समय हुई है, जब वर्ष 2023 में पैदा हुए कूटनीतिक तनाव के बाद दोनों देश अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

भारत-कनाडा के बीच पहला डिफेंस डायलॉग

इस रक्षा संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) डॉ. अमित तेलंग और कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा विभाग में सहायक उप मंत्री स्कॉट मिलर ने की। बैठक में दोनों देशों ने अपनी रक्षा नीतियों, रणनीतिक प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। रक्षा औद्योगिक सहयोग के साथ सैन्य तकनीकी सहयोग और रक्षा अनुसंधान एवं विकास को भविष्य की साझेदारी के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

दरअसल, भारत और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की राजनीतिक सहमति इसी साल 2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात के दौरान बनी थी। कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया था। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई थी। अब पहला रक्षा संवाद उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत-कनाडा बातचीत का रणनीतिक महत्व क्या?

इस बातचीत का रणनीतिक महत्व हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी देखा जा रहा है। भारत और कनाडा दोनों के लिए समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा अहम मुद्दे हैं। ऐसे में रक्षा संवाद के जरिए दोनों देशों के बीच सैन्य संपर्क, तकनीकी सहयोग और रक्षा उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने का रास्ता खुला है। कनाडा के पास महत्वपूर्ण खनिजों और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में क्षमताएं हैं, जबकि भारत अपने रक्षा उत्पादन और स्वदेशी रक्षा उद्योग को विस्तार देने पर जोर दे रहा है। ऐसे में रक्षा अनुसंधान, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी दोनों देशों के लिए अवसर पैदा कर सकती है।

2023 में पैदा हुआ था कूटनीतिक तनाव

भारत और कनाडा के बीच 2023 में गंभीर कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ था, जिसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ा। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी की मार्च 2026 की बैठक के बाद रिश्तों को सामान्य बनाने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की कोशिशें तेज हुई हैं। पहले रक्षा संवाद में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रस्तावों पर काम जारी रखने पर सहमति जताई। कुल मिलाकर, यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों में कूटनीतिक बातचीत से आगे बढ़कर रक्षा और रणनीतिक सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम पहल है।

Shivani Mishra
Shivani Mishraauthor

Covering stories of public interest in crime and politics now. Entertainment enthusiast over five years. Reporting across Maharashtra.

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