Rahul Gandi At AICC: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नए वक्फ अधिनियम को धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान पर हमला करार दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस की विचारधारा संविधान के खिलाफ है, वे देश की सभी संस्थाओं पर नियंत्रण करना चाहते हैं। इसके साथ ही राहुल ने एक बार फिर जातिगत जनगणना की मांग उठाई है। अहमदाबाद में कांग्रेस अधिवेशन में राहुल ने कहा कि जातिगत जनगणना को लेकर पार्टी तेलंगाना में रास्ता दिखा चुकी है।
कहा- दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों को भी निशाना बनाया जाएगा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम धर्म की स्वतंत्रता पर हमला और संविधान विरोधी कदम है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों को भी निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने यहां पार्टी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश की जनता भारतीय जनता पार्टी से तंग आ चुकी है और अब बदलाव होने वाला है। राहुल गांधी ने कहा, वक्फ विधेयक (अधिनयम) धर्म की स्वतंत्रता और संविधान पर हमला है। यह संविधान विरोधी है।
उन्होंने दावा किया कि आरएसएस से जुड़ी पत्रिका 'आर्गेनाइजर' में ईसाइयों की भूमि को निशाना बनाने की बात की गई है और आगे सिख समुदाय के साथ भी ऐसा होगा। राहुल गांधी ने दावा किया देश भारतीय जनता पार्टी से तंग आ गया है और बिहार के विधानसभा चुनाव में यह दिखेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, आने वाले समय में बदलाव होने वाला है, लोगों का मूड दिख रहा है। उनके द्वारा संसद में भी जाति जनगणना की मांग उठाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण के रूप में क्रांतिकारी कदम उठाया गया है।
जाति जनगणना की उठाई मांग
राहुल ने कहा, यह पता लगाना मकसद है कि कितनी किसकी भागीदारी है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस ने जाति जनगणना से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि केंद्र में कांग्रेस और विपक्ष की सरकार आने पर जाति जनगणना कराई जाएगी। साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा कि निजी क्षेत्र में देश की 90 फीसदी आबादी की भागीदारी ना के बराबर है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार को तोड़ा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए दरवाजे बंद कर रहा है।
राहुल गांधी ने अग्निपथ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों, दलितों, आदिवासियों के लिए सेना में जाने के अवसर खत्म कर दिए गए हैं। राहुल गांधी ने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू की गई नयी टैरिफ नीति का उल्लेख करते कहा, डोनाल्ड ट्रंप को मोदी जी अपना मित्र कहते हैं। उन्होंने नए टैरिफ लगाने की बात की लेकिन प्रधानमंत्री ने चूं तक नहीं की। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में आर्थिक तूफान आने वाला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप टैरिफ से ध्यान भटकाने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में देर रात तक ड्रामा किया गया।
कहां गई 56 इंच की छाती?
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ बैंकाक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यूनुस ने भारत के खिलाफ बयानबाजी की लेकिन प्रधानमंत्री उनके साथ बैठे हुए थे। उन्होंने कहा, कहां गई 56 इंच की छाती? केंद्र पर संविधान और देश की संस्थाओं पर आक्रमण करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, यह विचारधारा की लड़ाई है। जिस पार्टी के पास विचारधारा नहीं है, वो भाजपा और आरएसएस के सामने नहीं खड़ी हो सकती। जिस पार्टी के पास विचारधारा है, वहीं भाजपा और आरएसएस को हराएगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि संविधान बनने के समय आरएसएस ने रामलीला मैदान में संविधान की प्रति जलाई थी।
