Assam Coal Mine Rescue Operations: असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो क्षेत्र के 3 किलो में रैट-होल कोयला खदान से बचाव दल ने शनिवार सुबह एक शव बरामद किया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), भारतीय सेना और असम राइफल्स की टीमों द्वारा निकाला गया यह दूसरा शव है। मृतक खनिक की पहचान जिले के कलामती गांव के निवासी लेफ्टिनेंट लिजेन मगर, (27) के रूप में हुई है। एनडीआरएफ की पहली बटालियन के इंस्पेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कि उन्होंने आज सुबह खदान के अंदर पानी के स्तर की जांच करते समय पानी में तैरता हुआ एक शव बरामद किया। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने सुबह करीब 7:30 बजे शव को बाहर निकाला। एनडीआरएफ के टीम कमांडर इंस्पेक्टर सिंह ने बताया कि हम हर सुबह पानी का स्तर जांचते हैं। और जब हम ऐसा कर रहे थे, तो हमने एक शव को तैरते हुए देखा। इसलिए हमने उसे सुबह करीब 7:30 बजे बाहर निकाला। पानी का स्तर छह मीटर कम हो गया है। पांच पंप रात भर काम कर रहे थे। ऑपरेशन 24 घंटे चल रहा है। उन्होंने कहा कि बाद में हमारी बचाव टीम ने शव बरामद किया। खदान का जल स्तर अब कम हो रहा है। कल रात पानी निकालने की प्रक्रिया में पांच पंपों का इस्तेमाल किया गया और यह प्रक्रिया जारी है।
पुनीश नुनिसा नाम का एक शख्स गिरफ्तार
बता दें, 8 जनवरी को बचाव दल ने जलमग्न रैट-होल खदान से गंगा बहादुर श्रेठ के रूप में पहचाने गए पहले शव को बरामद किया। कोल इंडिया की 12 सदस्यीय विशेष बचाव टीम शुक्रवार को असम के दीमा हसाओ में खदान ढहने के स्थल पर पहुंची ताकि जलमग्न रैट-होल खदान में अभी भी फंसे आठ श्रमिकों का पता लगाया जा सके और उन्हें बचाया जा सके। इससे पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज करने और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की घोषणा की। एक्स पर एक पोस्ट में, सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 (1) के साथ धारा 3 (5) / 105 बीएनएस का हवाला देते हुए उमरंगसो पीएस केस नंबर: 02/2025 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। प्रथम दृष्टया, यह एक अवैध खदान प्रतीत होती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सीएम ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ बचाव अभियान पर भी चर्चा की और सहायता मांगी।
