Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही। एक और व्यक्ति की जान जाने के साथ ही राज्य में इस प्राकृतिक आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है। हालांकि, बाढ़ का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 13 और प्रभावित लोगों की संख्या लगभग 1.55 लाख रह गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, ताजा मौत चराइदेव जिले के महमोरा रेवेन्यू सर्कल में दर्ज की गई।
13 जिलों के 464 गांव प्रभावित
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 13 जिले-शिवसागर, गोलाघाट, नागांव, होजई, सोनितपुर, धेमाजी, दरांग, बिस्वनाथ, कामरूप (मेट्रो), लखीमपुर, उदलगुरी, जोरहाट और चराइदेव-अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इनसे जुड़े 33 राजस्व मंडल और 464 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
फिलहाल राज्य में प्रभावित लोगों की कुल संख्या 1,55,849 है, जबकि 14,382 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि अब भी जलमग्न है। बाढ़ से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
9 से 30 अगस्त तक होगा घर-घर नुकसान का आकलन
बाढ़ के गंभीर संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रभावित चार मुख्य जिलों-जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और गोलाघाट-के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार 9 से 30 अगस्त तक सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करेगी। इस दौरान अधिकारी एक विशेष मोबाइल ऐप पर नुकसान की तस्वीरें अपलोड करेंगे। 30 अगस्त तक प्राथमिक आकलन के बाद प्रभावित परिवारों के साथ इसका पुनः सत्यापन किया जाएगा। जिला अधिकारियों और वृत्ताधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं और यह सुनिश्चित करें कि नियमों के तहत हर प्रभावित परिवार को अधिकतम संभव राहत मिले।
45 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर
वर्तमान में राज्य के 6 जिलों में कुल 133 राहत शिविर और वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां लगभग 45,000 विस्थापित लोगों को भोजन, आश्रय और आवश्यक सामग्री प्रदान की जा रही है।
