देश

मणिपुर में गहराया संकट: उग्रवादियों द्वारा 4 नागरिकों की हत्या के बाद कुकी-जो काउंसिल का बड़ा बयान, 'पूर्ण संघर्ष' की चेतावनी

Manipur Conflict Noni Tamenglong Killings: मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में चार नागरिकों की हत्या के बाद कुकी-जो काउंसिल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Image

मणिपुर में गहराया संकट: उग्रवादियों द्वारा 4 नागरिकों की हत्या के बाद कुकी-जो काउंसिल का बड़ा बयान, 'पूर्ण संघर्ष' की चेतावनी

Manipur Kuki Zo Council Statement: मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा चार लोगों की हत्या की कुकी-जो काउंसिल ने सोमवार को निंदा की और कहा कि सशस्त्र समूहों की गतिविधियां आम नागरिकों की जान को खतरे में डाल रही हैं तथा इससे राज्य में एक बार फिर पूर्ण संघर्ष पैदा होने का खतरा है।

काउंसिल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक मणिपुर में सक्रिय 'नगा सशस्त्र समूहों' द्वारा कुकी-जो समुदाय के 22 से अधिक लोगों की हत्या की जा चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में रविवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने गांवों को निशाना बनाया था जिसमें दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुकी-जो काउंसिल ने एक बयान में टोलेन और लोंगपी गांवों में चार नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की। काउंसिल ने राजनीतिक और नागरिक समाज के नेताओं की भी आलोचना की और कहा कि वे नगा-कुकी-जो हिंसा को समाप्त करने के लिए सार्थक सुलह और संवाद की दिशा में कदम उठाने के प्रति 'स्पष्ट रूप से अनिच्छुक' हैं।

काउंसिल ने कहा, 'भारत सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए और मणिपुर में उग्रवादियों को दंड से बचकर गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। सशस्त्र समूहों की लगातार गतिविधियां नागरिकों के लिए खतरा हैं और मणिपुर को एक बार फिर पूर्ण संघर्ष की ओर धकेल सकती हैं।' इस बीच, तीन कुकी विधायकों ने भी हत्याओं की निंदा की है।

'जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान गई'

सैटू विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले हाओखोलेट किपगेन ने कहा, 'हर नागरिक को गरिमा के साथ और आतंक से मुक्त होकर जीने का अधिकार है।' वहीं, विधायक लेतजामांग हाओकिप ने सुरक्षा बलों से अपराध के दोषियों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने और आगे होने वाली जनहानि को रोकने का आग्रह किया। विधायक किमनियो हैंगशिंग ने इन हत्याओं को 'कायरतापूर्ण' कृत्य बताया। मणिपुर में मई 2023 में घाटी के बहुसंख्यक मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article