वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समयसीमा नजदीक आने के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में समयसीमा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
ओवैसी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता वक्फ अधिनियम के लागू होने पर रोक से जुले फैसले का इंतजार कर रहे थे। लेकिन इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने में पांच महीने की देरी हुई, जिसके चलते अब आवेदन दाखिल करने के लिए बहुत कम समय बचा है।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ओवैसी की याचिका पर आपत्ति जताई। इस पर मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई कहा कि अदालत याचिका पर सुनवाई करेगी, लेकिन सूचीबद्ध होने का मतलब यह नहीं है कि याचिकाकर्ताओं को राहत मिल ही जाएगी।
सुनवाई के दौरान ओवैसी की ओर से पेश वकील ने कहा, उम्रे दराज मांग के लाए थे चार दिन। दो अरज़ू में गुज़र गए, दो इंतज़ार में।
