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अरविंद केजरीवाल को छोड़ना होगा Delhi CM का पद! हाईकोर्ट में याचिका दायर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2024, 09:20 AM IST

Arvind Kejriwal Latest News in Hindi: याचिकाकर्ता दिल्ली निवासी सुरजीत सिंह यादव ने दलील दी है कि आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी उन्हें सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य बनाती है। ऐसे में वित्तीय घोटाले में फंसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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अरविंद केजरीवाल

Photo : Twitter

Arvind Kejriwal Latest News: शराब घोटाले के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में भेज गए अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद भी छोड़ना पड़ सकता है। दरअसल, केजरीवाल को लेकर चल रहे कानूनी दांव-पेंच के बीच उन्हें पद से हटाने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह खाचिका दिल्ली निवासी सुरजीत सिंह यादव की ओर से दाखिल की गई है।

खुद को किसान और सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले याचिकाकर्ता दिल्ली निवासी सुरजीत सिंह यादव ने दलील दी है कि आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी उन्हें सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य बनाती है। यादव ने तर्क दिया कि वित्तीय घोटाले में फंसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की कैद न केवल कानून की उचित प्रक्रिया में बाधा डालती है, बल्कि राज्य की संवैधानिक मशीनरी को भी कमजोर करती है।

गोपनीयता की शपथ का होगा उल्लंघन

याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 163 और 164 का हवाला देते हुए दावा किया कि अरविंद केजरीवाल की एक कैदी के रूप में वर्तमान स्थिति उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने में अक्षम बनाती है। याचिका में जेल में बंद मुख्यमंत्री द्वारा जेल से सरकारी कामकाज संचालित करने की व्यावहारिकता के बारे में भी बात की गई है। इसमें कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल तक पहुंचने वाली सभी सामग्रियों की जेल अधिकारियों द्वारा जांच से उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में दिलाई गई गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन होगा।

केजरीवाल के खिलाफ जारी किया जाए क्वो वारंटो

इसके अतिरिक्त, यादव ने तर्क दिया कि अरविंद केजरीवाल को अपने पद पर बने रहने की अनुमति देने से उन्हें उन जांचों को प्रभावित करने का अवसर मिल जाएगा जिसमें वह आरोपी हैं। यह आपराधिक न्यायशास्त्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि वह क्वो वारंटो (Quo Warranto) जारी करे, जिससे अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के अपने अधिकार को सही ठहराने के लिए मजबूर किया जा सके और अंततः उन्हें पद से हटाया जा सके। अदालत के सूत्रों के मुताबिक, याचिका में कुछ खामियां हैं और इन्हें ठीक करने के बाद इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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