पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार है। क्या हम चाहते हैं कि लोग मरें? यह हमारी सरकार है क्या हम चाहते हैं कि कोई दूसरों पर बम गिराए। हम क्यों करेंगे? ये वही करते हैं जो हमें अस्थिर करना चाहते हैं। रामपुरहाट में एक घटना हुई है, हम इस तरह की घटना कभी नहीं चाहते। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
ये उत्तर प्रदेश नहीं बंगाल है। मेरे सांसद को असम, हाथरस, उन्नाव में अनुमति नहीं दी गई। हम सभी को अनुमति देते हैं। अगर कोई छींकता है तो लोग कोर्ट जाते हैं। उन्नाव, हाथरस, लखीमपुर के लिए कुछ नहीं होता। आप लोग घटना करते हैं फिर आप कोर्ट में जाकर डिबेट पर बैठते हैं। हम घटना की निंदा करते हैं। किसी गांव में अनजाने में कोई घटना घट जाती है, हम उसकी निंदा करते हैं। गुजरात यूपी में इस तरह की और भी घटनाएं होती हैं। हम कुछ भी सही नहीं ठहरा रहे हैं, कार्रवाई होगी, कोई रंग नहीं दिखता सिर्फ इंसानियत दिखती है।
यह घटना चौंकाने वाली है लेकिन हम ऐसा कभी नहीं चाहते थे। ऐसा करने वालों को दंडित किया जाएगा। जो लोग आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि आग उन्हें भी नुकसान पहुंचाएगी। एक व्यक्ति (राज्यपाल) कह रहा है कि बंगाल खराब है, पुलिस को बदनाम कर रहा है, सभी त्योहार मनाए जाते हैं। गलतियां हर जगह होती हैं। सभी उंगलियां एक जैसी नहीं होती हैं। हम गलती करने वालों को सजा देंगे। वास्तव में वे दंगे नहीं कर सकते, यह नहीं कह सकते कि लोग भूखे हैं, यह नहीं कह सकते कि लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है इसलिए माचिस जलाना आसान है। इस बात का अहसास नहीं कि वह माचिस उन्हें जला सकती है। बहुत षडयंत्र चल रहा है, देश सुरक्षित नहीं है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई इसलिए फोकस शिफ्ट करने के लिए किया गया। याद रखिए बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट बंगाल को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं, बंगाल को तोड़ना आसान नहीं है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल के बीरभूम के रामपुरहाट इलाके में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता भादु शेख की हत्या के बाद भीड़ द्वारा घरों में आग लगाने के बाद कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। डीजीपी मालवीय ने बताया कि मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। उन्होंने आगे बताया कि भादू शेख की हत्या की सूचना बीती रात मिली थी, जिसके एक घंटे बाद आसपास के 7-8 घरों में आग लगा दी गई थी। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इस बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने का आह्वान किया।

