Weather Forecast Today, 1 february 2022 (आज का मौसम): आज कई जगह हो सकती है बारिश तो कुछ जगह रहेगा घना कोहरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2022, 05:30 AM IST

Weather Forecast Today, 1 february 2022 (आज का मौसम): देश के कुछ हिस्सों में आज बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों और उत्तरी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा हो सकता है।

Weather Forecast Today, 1 february  2022 (आज का मौसम): आज कई जगह हो सकती है बारिश तो कुछ जगह रहेगा घना कोहरा

Weather Forecast Today, 1 february 2022: मौसम विभाग ने कहा है कि फरवरी में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम तापमान रहने के आसार हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा में समान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से कम बारिश हो सकती है। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कहा कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में फिर से हिमपात होने की संभावना है। आज उत्तर प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में ठंड के दिन रहने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान यूपी के तराई बेल्ट पर रात/सुबह के घंटों में अलग-अलग इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है।
 हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में कोहर रहने की संभावना है। उत्तरी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा संभव है।

मौसम विभाग ने बताया कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है और उसके बाद 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। 

यहां ऐसा रहेगा मौसम

इसके अलावा 3 और 4 फरवरी को उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। 'स्काईमेट वेदर' के अनुसार, लद्दाख से सटे इलाके पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। 2 फरवरी से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय तक पहुंचने की उम्मीद है। 3 फरवरी तक राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों और पाकिस्तान के आसपास के हिस्से में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा। गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख और जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और हिमपात संभव है। असम, मेघालय और नागालैंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। देश के उत्तर पश्चिमी और मध्य भाग में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है।

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