Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुछ देर बाद शुरू होगा मतदान, आज ही घोषित हो जाएगा रिजल्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 6, 2022, 10:24 AM IST

Vice Presidential Polls: राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद अब बारी है उपराष्ट्रपति के लिए हो रहे चुनाव को जीतने की। विपक्षी प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा के सामने एनडीए के जगदीप धनखड़ हैं।

Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुछ देर बाद शुरू होगा मतदान, आज ही घोषित हो जाएगा रिजल्ट

Vice Presidential Election 2022: आज उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होने वाली है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा और शाम 6 बजे उपराष्ट्रपति चुनाव की मतगणना शुरु हो जाएगी तथा शाम 7 बजे ही विजेता के नाम का ऐलान किया जाएगा। NDA ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया है तो दूसरी तरफ UPA ने मार्गरेट अल्वा को मैदान में उतारा है। हालांकि इस पूरे चुनाव में NDA उम्मीदवार का पलड़ा भारी नज़र आ रहा है।

धनखड़ की जीत तय

नतीजा तय है, आंकड़ों के मुताबिक जीतना तो जगदीप धनखड़ को ही है।सवाल है कि फासला कितना होगा।इसलिए सबकी निगाह अब जगदीप धनखड़ को मिलने वाले वोट पर है। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो इस चुनाव में 788 वोट डाले जाने हैं और उपराष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए कम से कम 395 वोटों की जरूरत होगी अब वोटरों के गणित पर गौर करें..तो 543 वोट लोकसभा सांसदों के हैं। वहीं 245 वोट राज्यसभा सांसदों के हैं जिसमें से अभी बीजेपी के लोकसभा में 303 सांसद हैं तो वहीं राज्यसभा में 93 सांसद। यानी कुल मिलाकर 396 वोट तो बीजेपी के अपने हैं, इसके अलावा एनडीए के घटक दल के साथ कई विपक्षी दल भी धनखड़ के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं। बता दें कि आज ही सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होनी है जबकि शाम 6 बजे से गिनती शुरू होगी और नतीजे भी आज शाम तक ही घोषित कर दिए जाएंगे।

अल्वा के समर्थन में ये दल

जनता दल (यूनाईटेड), वाईएसआर कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, अन्नाद्रमुक और शिवसेना ने धनखड़ का समर्थन करने की घोषणा की है। अस्सी वर्षीय अल्वा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं और वह राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी काम कर चुकी हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), आम आदमी पार्टी (आप) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अल्वा के समर्थन की घोषणा की है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी अल्वा का समर्थन किया है।

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