राम मंदिर के बाद अब अयोध्या में मस्जिद निर्माण की कवायद तेज, गणतंत्र दिवस पर रखी जा सकती है नींव

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 17, 2020, 07:33 AM IST

अयोध्या के धनीपुर गांव में बनने वाली भव्य मस्जिद के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। खबरों की मानें तो मंदिर की नींव अगले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर रखी जा सकती है।

राम मंदिर के बाद अब अयोध्या में मस्जिद निर्माण की कवायद तेज, गणतंत्र दिवस पर रखी जा सकती है नींव


नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद अब मस्जिद के निर्माण की कवायद भी तेज हो गई है।  5 एकड़ जमीन पर भव्य मस्जिद का का डिजाइन इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा तैयार कर लिया गया है। इस मस्जिद में एक साथ 2 हजार लोग नमाज अदा कर सकेंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (UPSCWB) गणतंत्र दिवस के मौके पर अयोध्या के धनीपुर गांव में आवंटित पांच एकड़ भूमि पर इस भव्य मस्जिद की नींव रख सकता है।

गणतंत्र दिवस पर रखी जा सकती है नींव
मस्जिद से संबंधित अपनी योजना को साझा करने के लिए बोर्ड 19 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाला है। आपको बता दें कि अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने मस्जिद बनाने के लिए धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन दी है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा, '26 जनवरी से बेहतर और कोई दिन नहीं हो सकता है क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान अस्तित्व में आया था। अगर सभी योजना के अनुसार हुआ तो हम गणतंत्र दिवस पर मस्जिद और अन्य प्रतिष्ठानों की नींव रख सकते हैं।'

ऐसी होगी मस्जिद

फाउंडेशन ने इस जमीन पर 15,000 वर्गफीट में बनने वाली मस्जिद  में अस्पताल के अलावा इंडो इस्लामिक रिसर्च सेंटर और कम्यूनिटी किचन का डिजाइन तैयार किया हुआ है। इस मस्जिद में आधुनिकता की झलक होगी जो अंडाकार होगी तथा इसमें दो मीनारें सीधी ना होते हुए गोलाकार नजर आएंगी। इतना ही नहीं प्रकाश की व्यवस्था के लिए यहां सौर ऊर्जा के पैनल लगाए जाएंगे और जल संरक्षण की भी पूरी व्यवस्था होगी।

पीएम ने किया था मंदिर का भूमिपूजन

आपको बता दें कि इसी साल पांच अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में शिरकत की थी। पीएम मोदी के अलावा इस कार्यक्रम में  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस चीफ मोहन भागवत समेत करीब 175 लोग इस ऐतिहासिक लम्हे का गवाह बने।

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