Money Laundering Case:ईडी के समक्ष पेश हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 6, 2021, 02:46 PM IST

Abhishek Banerjee News: अधिकारियों ने बताया कि मामले के जांच अधिकारी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत बनर्जी का बयान दर्ज किया।

Money Laundering Case:ईडी के समक्ष पेश हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी

नयी दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी कथित कोयला घोटाला से जुड़े धनशोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (33) मध्य दिल्ली के जाम नगर हाउस स्थित केन्द्रीय एजेंसी के कार्यालय सुबह 11 बजे से थोड़ा पहले पहुंचे।उन्होंने कहा, 'मैं जांच का सामना करने को तैयार हूं और मैं एजेंसी के साथ सहयोग करूंगा।'

अभिषेक बनर्जी लोकसभा में डायमंड हार्बर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव हैं। ईडी ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो की नवंबर, 2020 की एक प्राथमिकी पर गौर करने के बाद पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया था। सीबीआई की प्राथमिकी में आसनसोल और उसके आसपास कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में 'ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड' की खदानों से संबंधित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया है।

... तो वह खुद को फांसी पर लटका लेंगे

प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने के लिए नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बनर्जी ने कहा था कि एजेंसी अगर किसी भी अवैध लेन-देन में उनकी संलिप्तता को साबित कर दे, तो वह खुद को फांसी पर लटका लेंगे। पश्चिम बंगाल में स्थानीय कोयला संचालक अनूप मांझी उर्फ ​​लाला इस अवैध लेन-देन में प्रमुख आरोपी है। ईडी ने दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी इस अवैध लेद-देन से प्राप्त धन के लाभार्थी थे। उन्हें मामले के जांच अधिकारी के समक्ष यहां छह सितंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया गया है, जबकि उनकी पत्नी रुजिरा को धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत इसी तरह का समन भेजकर एक सितंबर को पेश होने को कहा गया था। हालांकि रुजिरा ने मौजूदा कोरोना वायरस का हवाला देते हुए एजेंसी से उनसे कोलकाता में ही पूछताछ करने का अनुरोध किया था।

ED ने मामले में अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है

भारतीय पुलिस सेवा के कुछ अधिकारियों और अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक वकील को भी इस महीने अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए समन जारी किया गया है। ईडी ने मामले में अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक तृणमूल कांग्रेस युवा शाखा के नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा शामिल हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि विनय मिश्रा कुछ समय पहले देश से बाहर चला गया और उसने संभवत: देश की नागरिकता भी त्याग दी है।

इसके अलावा इस मामले में निदेशालय ने बांकुड़ा थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्रा को इस साल की शुरुआत में गिरफ्तार किया था। ईडी ने दावा किया था कि मिश्रा बंधुओं ने इस मामले में 'कुछ प्रभावशाली लोगों के लिए और खुद के लिए 730 करोड़ रुपये की राशि' प्राप्त की। इस मामले में अनुमानित 1,352 करोड़ रुपये शामिल थे। निदेशालय ने मामले में इस साल मई में आरोप पत्र दाखिल किया था।
 

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