जम्‍मू: चंडीगढ़ में सुहैल को मिला था पाकिस्‍तान से मैसेज, एक-एक कर खुल रही PAK साजिश की परतें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 14, 2021, 07:18 PM IST

जम्‍मू कश्‍मीर में खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों की मुस्‍तैदी से बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन ने किस तरह साजिश की थी।

जम्‍मू: चंडीगढ़ में सुहैल को मिला था पाकिस्‍तान से मैसेज, एक-एक कर खुल रही PAK साजिश की परतें
Photo Credit: ANI

जम्‍मू : पुलवामा हमले की बरसी पर पाकिस्‍तान में पनाह पाए आतंकियों ने एक बार फिर भारत में आतंकी वारदात की साजिश की थी, जिसे सुरक्षा बलों की सतर्कता से नाकाम कर दिया गया। पुलिस को जम्मू में बस स्टैंड से 7 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ, जिसके बाद इस मामले में कई खुलासे सामने आए हैं और यह भी पता चला कि पाकिस्‍तान में सक्रिय आतंकी संगठन ने किस तरह पूरे मामले में साजिश रची।

जम्‍मू के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह ने रविवार को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया कि सुरक्षा बलों को पहले ही इसकी खुफिया जानकारी मिल गई थी कि पुलवामा हमले की बरसी पर किसी बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश की जा रही है। पुलिस हाई अलर्ट पर थी। शनिवार रात पुलिस ने सुहैल नाम के एक शख्‍स को गिरफ्तार किया, जिसके बाद से लगभग 6.5 किलोग्राम आईईडी बरामद किया गया।

Image

ऐसे रची गई थी साजिश

पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह चंडीगढ़ में पढ़ता था, जहां उसे पाकिस्‍तान के अल बद्र तंजीम से यहां आईईडी प्‍लांट करने को लेकर मैसेज मिला था। आईईडी प्‍लांट करने के लिए उसे तीन-चार लोकेशंस के लक्ष्‍य दिए गए थे, जिसके बाद उसे फ्लाइट से श्रीनगर पहुंचना था। यहां अल बद्र तंजीम के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर अख्‍तर शकील खान उसे रिसीव करने वाला था।

जम्‍मू आईजी ने बताया कि इस मामले की जानकारी चंडीगढ़ में रहने वाले काजी वसीम नाम के एक शख्‍स को भी थी। उसे भी हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्‍त आबिद नबी नाम के एक शख्‍स को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्‍होंने बताया कि बीती रात सांबा से 15 छोटे आईईडी और 6 पिस्‍तौल बरामद की गई है। इस तरह सुरक्षा बलों और खुफिया तंत्र की चौकसी से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया।

Image

यहां उल्‍लेखनीय है कि जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में एक आतंकी ने 14 फरवरी को ही सीआरपीएफ जवानों को लेकर जा रही बस से विस्‍फोटों से भरी कार टकरा दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। साल 2019 में हुई उस आतंकी वारदात को दो साल हो गए हैं। उस घटना के 13 दिन बाद 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक कर आतंकियों के ठिकाने तबाह कर दिए थे।
 

End of Article