RPF Bike Rally: आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के क्रम में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की बाइकर तिरंगा यात्रा शनिवार को दिल्ली पहुँची। दिल्ली पहुँचे 150 जवानों को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव फ्लैग इन किया।देश भर के कोने कोने से आये ये सभी रेलवे सुरक्षा बल के जवान बाईक पर सवार होकर दिल्ली पहुँचे थे।75 बाइको पर सवार ये सभी 150 जवान तिरंगा यात्रा के साथ 1 जुलाई को देश के 75 अलग अलग शहरों से निकल कर चार शहरों में 1 अगस्त को इकट्ठा हुए।
शहीदों को सम्मान
देश के चारों दिशाओं में पूर्व में बिहार से चंपारण में वही उत्तर में पंजाब के अमृतसर के जलियांवाला बाग वही गुजरात के साबरमती के काठियावाड़ और दक्षिण में हुसैन सागर लेक से आगे दिल्ली के लिए बढ़े। जिसके बाद चारो दिशाओं से आये 75 बाइकर तिरंगा यात्रा का समापन आज दिल्ली में हुआ। रेल मंत्री में इस मौके पर आजादी की लड़ाई में शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सदस्यों को भी समन्नानित किया। इसके अलावा देश भर से तिरंगा यात्रा के सहारे आजादी का अमृत महोत्सव में शामिल सभी रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को प्रोत्साहित भी किया।
आरपीएफ का इतिहास
रेलवे सुरक्षा बल यानी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स रेलवे की सशस्त्र बल हैं जिसका गठन 148 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत की रेल की सुरक्षा के लिए साल 1874 में गठन किया गया था। तब उसका नाम कंपनी वॉच एंड वॉर्ड था। बाद में आजादी के बाद साल 1954 में इसको रेलवे सिक्युरिटी फ़ोर्स में तब्दील कर दी गई। साल 1955 में इसको लेकर रेलवे स्टोर अनलॉफुल पोजीशन एक्ट बनाया गया। तब पहली बार रेलवे को लीगल पॉवर मिला। इसके ठीक दो साल बाद साल 1957 में RPF act बना। जिसके आधार पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स आजतक काम करती आ रही है। बीच बीच मे इसको लेकर नए बदलवा और शक्तिशाली बनाने को लेकर विचार सामने आए पर मामला ठंढे बस्ते में चला गया।

