Punjab Congress Crisis: सिद्धू गुट को झटका! CM के डिनर कार्यक्रम में पहुंचे 58 विधायक, 8 सांसद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2021, 12:00 PM IST

Punjab Congress में खींचतान जारी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।

Punjab Congress Crisis: सिद्धू गुट को झटका! CM के डिनर कार्यक्रम में पहुंचे 58 विधायक, 8 सांसद

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस  (Punjab Congress) में जारी लड़ाई लगातार बढ़ती ही जा रही है। नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के मामले में सुलह कराने की कोशिश में जुटे हरीश रावत ने अब हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ सीएम अमरिंदर ने एक डिनर का कार्यक्रम रखा था जिसमें 58 विधायक और 8 सांसद नजर आए। ऐसे में फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं कि पंजाब कांग्रेस की ये लड़ाई कैसे थमेगी और कब थमेगी।

कैप्टन की डिनर डिप्लोमैसी

कैप्टन की इस डिनर डिप्लोमैसी में सिद्धू खेमे के भी करीब 10 विधायक देखे गए जिसे सिद्धू खेमे के लिए झटका माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कुछ विधायकों ने साफ कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन दशक से कांग्रेस के मजबूत नेता रहे हैं और उन्हें रिप्लेस करने के बारे में तो सोचा तक नहीं जा सकता है। यह डिनर कार्यक्रम कैप्टन खेमे के माने जाने वाले खेल मंत्री गुरमीत सोढ़ी के घर पर रखा गया था।

हरीश रावत ने खड़े किए हाथ

इधर, सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ में खड़े विधायक पहले हरीश रावत से मिलने गए थे जिसके बाद सभी विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत भी दिल्ली पहुंच गए हैं। हरीश रावत ने भी अब हाथ खड़े कर दिए हैं और खबर है कि हरीश रावत आज संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस में जारी विवाद को लेकर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी। दूसरी तरफ, सारे बागी विधायक भी अभी दिल्ली में ही हैं।

फिर कैप्टन पर हमलावर हुए सिद्धू

दूसरी तरफ, सिद्धू ने बिजली की कीमतों को लेकर एक बार फिर से सीएम अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। सिद्धू ने सीएम के पुराने वीडियो को निकालकर बिजली की बढ़ी हुई कीमत घटाने का वादा याद दिलाया है। पंजाब में पिछले कुछ समय से..सिद्धू और कैप्टन के बीच सियासी खींचतान लगातार जारी है। ऐसे में पंजाब को लेकर पार्टी आलाकमान की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।

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