राष्ट्रपति चुनाव: ममता बनर्जी ने विपक्ष के 22 नेताओं को लिखा पत्र, 15 जून को बुलाई संयुक्त बैठक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 11, 2022, 04:41 PM IST

Presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव से पहले मजबूत और प्रभावी विपक्ष के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 22 नेताओं को पत्र लिखा है और 15 जून को संयुक्त बैठक में भाग लेने को कहा है।

राष्ट्रपति चुनाव: ममता बनर्जी ने विपक्ष के 22 नेताओं को लिखा पत्र, 15 जून को बुलाई संयुक्त बैठक

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव नजदीक है, इसी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहल की है। उन्होंने विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी विपक्ष के लिए 15 जून को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब दिल्ली में एक संयुक्त बैठक में भाग में लेने के लिए विपक्षी मुख्यमंत्रियों और नेताओं को पत्र लिखा है। 

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम पिनाराई विजयन, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, पंजाब के सीएम भगवंत मान और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी समेत 22 नेताओं को पत्र लिखा है। 

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से साझा उम्मीदवार खड़ा करने को लेकर ममता बनर्जी और द्रमुक, भाकपा, माकपा तथा आदमी पार्टी के नेताओं के साथ चर्चा की। सूत्रों के अनुसार खड़गे की ओर से ममता से सम्पर्क साधे जाने के एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से बातचीत की थी और उनसे कहा था कि विपक्ष के साझा उम्मीदवार के मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई जाए।

देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव 18 जुलाई को होगा। मतगणना 21 जुलाई को होगी। राष्ट्रपति कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और उनके उत्तराधिकारी को इससे पहले नियुक्त किया जाना है। लोकसभा, राज्यसभा और राज्य की विधानसभाओं में भारतीय जनता पार्टी एवं सहयोगियों के संख्या बल को देखते हुए माना जा रहा है कि वे अपने उम्मीदवार को इस चुनाव में आसानी से जीत दिला सकते हैं। 

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