'नादिया रेप-हत्या' मामले पर अधीर रंजन चौधरी पहुंचे हंसखाली, निर्भया की मां ने कहा-ममता इतनी असंवेदनशील हैं तो पद पर रहने का हक नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 12, 2022, 06:30 PM IST

Nadia Rape Case:पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने हंसखली, नदिया पहुंचे, उन्होंने ममता बनर्जी के बयान को असंवेदनशील बताया है।

'नादिया रेप-हत्या' मामले पर अधीर रंजन चौधरी पहुंचे हंसखाली, निर्भया की मां ने कहा-ममता इतनी असंवेदनशील हैं तो पद पर रहने का हक नहीं

Adheer Ranjan Chowdhury reaches Hanskhali: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई थी, मुख्य आरोपी TMC के एक पंचायत सदस्य का बेटा है उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, इस मामले में सरकार ने जांच की बात कही है।

वहीं इस मामले पर  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक बयान को लेकर आलोचना हो रही है, उन्होंने कहा था कि आपको कैसे पता चलेगा कि उसके साथ बलात्कार हुआ था या वह गर्भवती थी या उसका प्रेम प्रसंग था या वह बीमार थी? यहां तक कि परिवार को भी पता था कि यह प्रेम प्रसंग है। अगर कोई जोड़ा किसी रिश्ते में है, तो मैं उन्हें कैसे रोक सकती हूं? यह यूपी नहीं है कि मैं लव जिहाद के नाम पर ऐसा कर सकती हूं।

इस मामले पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने हंसखली, नादिया पहुंचे हैं, उन्होंने कहा कि, 'एक महिला होने के बावजूद सीएम बयान दे रही हैं कि प्रेम प्रसंग और अन्य बातें थीं, वह यह सब जनता का ध्यान भटकाने और दोषियों को बचाने के लिए कह रही हैं।'

निर्भया की मां बोलीं- ममता इतनी असंवेदनशील हैं तो पद पर रहने का हक नहीं

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में किशोरी के रेप और हत्या के मामले में सीएम ममता बनर्जी के बयान पर 2012 में गैंगरेप और हत्या की पीड़िता निर्भया की मां ने प्रतिक्रिया दी है। निर्भया की मां ने कहा कि यदि ममता बनर्जी इतनी असंवेदनशील हैं तो फिर उन्हें सीएम के पद पर रहने का कोई अधिकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'वह सीएम पद के योग्य नहीं हैं यदि वह एक पीड़िता के बारे में इस तरह का बयान देती हैं।' 

निर्भया की मां ने कहा 'मामले में उचित जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इस तरह की टिप्पणियां ही ऐसे गंभीर अपराधों के लिए प्रोत्साहित करती हैं, तो दूसरी तरफ ये टिप्‍पणी पीड़ितों को प्रभावित करती हैं, ऐसे राजनेता सिर्फ अपने वोट बैंक की परवाह करते हैं।'

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