Mehbooba Mufti: महबूबा मुफ्ती बोलीं- 'यूपी में योगी चला रहे कंगारू कोर्ट, रोज बुलडोजर से गिराई जा रही अल्पसंख्यकों की इमारतें'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2022, 08:58 AM IST

Mehbooba Mufti: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वो राज्य में एक कंगारू कोर्ट चला रहे हैं, जहां रोज अल्पसंख्यकों की इमारतों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है।

Mehbooba Mufti: महबूबा मुफ्ती बोलीं- 'यूपी में योगी चला रहे कंगारू कोर्ट, रोज बुलडोजर से गिराई जा रही अल्पसंख्यकों की इमारतें'

Mehbooba Mufti: पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कहा कि वो एक कंगारू कोर्ट चला रहे हैं, जहां रोज अल्पसंख्यकों की इमारतों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है। महबूबा मुफ्ती का ये बयान कानपुर विकास प्राधिकरण की ओर से शनिवार को कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी के एक करीबी की बहुमंजिला इमारत को बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद आया।  

कंगारू कोर्ट चला रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ- महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कोई कंगारू कोर्ट चला रहे हैं, जहां अल्पसंख्यकों की इमारतों को नियमित रूप से ध्वस्त किया जाता है। घर जीवन बर्बाद हो जाते हैं....दुर्भाग्य से न्यायपालिका मौन रहकर देखती रहती है। क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोष जताया जाएगा, तब भारत सरकार इस बारे में अपने रुख में बदलाव करेगी?

शुक्रवार की हिंसा के सिलसिले में अलग-अलग जिलों से 255 लोग गिरफ्तार

वहीं इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेताओं की विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार की हिंसा के सिलसिले में अलग-अलग जिलों से 255 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सहारनपुर और प्रयागराज में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग शहरों में माहौल खराब करने की अराजक कोशिशों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि सभ्य समाज में ऐसे असामाजिक लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

End of Article