खुद को 'टाइगर' कहने वाली ममता बनर्जी की हालत 'बिल्ली' जैसी हो गई है: दिलीप घोष

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 11, 2021, 09:52 AM IST

पश्चिम बंगाल में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और टीएमसी में जुबानी जंग जारी है। इस बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता बनर्जी को बिल्ली कहा है।

खुद को 'टाइगर' कहने वाली ममता बनर्जी की हालत 'बिल्ली' जैसी हो गई है: दिलीप घोष

कोलकाता: कोलकाता: पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)  प्रमुख दिलीप घोष ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा, 'वह खुद को टाइगर मानती हैं, लेकिन उनकी स्थिति बिल्ली जैसी हो गई है।' उन्होंने कहा कि असली टाइगर कभी खुद को टाइगर नहीं कहता। वैसे उनकी स्थिति टाइगर जैसी नहीं बिल्ली जैसी हो गई है। दिलीप घोष ने कहा कि ममता से उनकी पार्टी के सदस्य ही नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी तक नहीं डरते हैं।

ममता ने दिया था ये बयान
दिलीप घोष ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब एक दिन पहले ही ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह ऐसी कमजोर नहीं है कि जिसे भगवा पार्टी द्वारा भयभीत किया जा सकता है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आगे कहा था कि जब तक वह जीवित हैं, वह रॉयल बंगाल टाइगर की तरह रहेंगी। बनर्जी ने कहा था, 'यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि मैं कमजोर हूं, मैं किसी भी चीज से डरने वाली नहीं हूं। मैं एक मजबूत लेडी हूं और जब तक मैं जीवित हूं तब तक अपना सिर ऊंचा रखूंगी और तब तक मैं रॉयल बंगाल टाइगर की तरह रहूंगी।'

नरोत्तम मिश्रा ने कही थी ये बात

उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा एक वाशिंग मशीन की तरह लगती है, जिसमें जिनके गंदे हाथ डालने वाले भी साफ हो जाते हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल दौरे से लौटे मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि टाइगर अब आदमखोर हो गया है। उन्होंने कहा था कि बंगाल में 134 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

नड्डा का निशाना

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिमी मिदनापुर जिले के एक गांव में ‘चा चक्र’ (चाय सत्र) में हिस्सा लेते हुए आरोप लगाया कि जिन्होंने ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर चुनाव जीता, वो आज ‘तानाशाही, तुष्टीकरण और बाहुबल’ की तरकीब अपना रहे हैं। नड्डा ने आरोप लगाया, ‘(पश्चिम बंगाल में) ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के किसानों और आदिवासियों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया है।राज्य के गरीब लोगों के साथ हुआ अन्याय लंबे समय तक नहीं चलेगा। आगामी चुनाव में ममता बनर्जी को जाना होगा और कमल खिलेगा।’

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