Kuldeep Bishnoi: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग' के चलते कुलदीप बिश्नोई की बढ़ी मुश्किलें, कांग्रेस जल्द कर सकती है बड़ी कार्रवाई!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 11, 2022, 02:37 PM IST

Kuldeep Bishnoi: कांग्रेस पार्टी आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के लिए कार्रवाई करने की तैयारी में है। कुलदीप बिश्नोई ने जेजेपी और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को वोट दिया था।

Kuldeep Bishnoi: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग' के चलते कुलदीप बिश्नोई की बढ़ी मुश्किलें, कांग्रेस जल्द कर सकती है बड़ी कार्रवाई!
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Kuldeep Bishnoi: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग करने को लेकर कांग्रेस अपने विधायक कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ जल्द कार्रवाई कर सकती है। पार्टी सूत्रों ने शनिवार को ये जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा के सदस्य कुलदीप बिश्नोई को पार्टी के सभी पदों से मुक्त करने के साथ ही उन्हें पार्टी से निलंबित किया जा सकता है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से कुलदीप बिश्नोई सदस्यता खत्म करने की भी सिफारिश की जा सकती है। पार्टी इस बारे में जल्द फैसला लेगी। कुलदीप बिश्नोई फिलहाल कांग्रेस कार्य समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।

क्रॉस वोटिंग' के चलते कुलदीप बिश्नोई की बढ़ी मुश्किलें

हरियाणा में कांग्रेस के दो विधायकों ने क्रॉस वोट किया, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन को 31 में से केवल 29 वोट मिले और बीजेपी समर्थित निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने उन्हें मामूली अंतर से हरा दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल ने कार्रवाई को लेकर पार्टी नेतृत्व से बात की है। वहीं राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की हार के बाद कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट कर कहा कि फन कुचलने का हुनर आता है मुझे, सांप के खौफ से जंगल नही छोड़ा करते। सुप्रभात। साथ ही उन्होंने एक ट्विटर यूजर के उस ट्वीट को भी रिट्वीट किया, जिसमें कहा गया है कि सही वक्त पर लिया गया फैसला ही इंसान को औरों से अलग करता है।

अध्यक्ष पद नहीं मिलने से पार्टी से नाराज चल रहे थे कुलदीप बिश्नोई

हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष पद नहीं मिलने से कुलदीप बिश्नोई पार्टी से नाराज चल रहे थे और उन्होंने कहा था कि वह राहुल गांधी से मिलने के बाद ही निर्णय लेंगे, लेकिन बैठक नहीं हुई। हरियाणा में हार ने भूपिंदर सिंह हुड्डा को मुश्किल में डाल दिया है और पार्टी नेतृत्व इस पर विचार कर सकता है क्योंकि उन्होंने पार्टी के लिए सीट जीतने का वादा किया था।

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