Delhi Govt: केजरीवाल सरकार की नीति से कर्नाटक हाइकोर्ट भी प्रभावित, दिल्ली सरकार की तरह काम करने की दी सलाह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 3, 2021, 07:20 PM IST

Karnataka High Court on Delhi Govt:केजरीवाल सरकार की नीति से कर्नाटक हाइकोर्ट भी प्रभावित है और कर्नाटक सरकार को दिल्ली की नीति पर विचार करने का आदेश दिया है।

Delhi Govt: केजरीवाल सरकार की नीति से कर्नाटक हाइकोर्ट भी प्रभावित, दिल्ली सरकार की तरह काम करने की दी सलाह

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Cm Kejriwal) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पिछले साल मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना को लागू किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ दिल्ली में रहने वाले 29077 अधिवक्ताओं को मिल रहा है। अब कर्नाटक हाइकोर्ट (Karnataka Highcourt) ने कर्नाटक सरकार से पूछा कि क्या दिल्ली सरकार की तरह किसी इंश्योरेंस कंपनी के साथ मिलकर क्या योजना पर काम किया जा सकता है।

हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया और केंद्र सरकार से भी मामले पर जवाब मांगा है।सीएम अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से लागू की गई योजना से कर्नाटक हाइकोर्ट भी प्रभावित है।

केजरीवाल सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना को लागू किया गया है। जिसको लेकर अब कर्नाटक हाइकोर्ट ने कर्नाटक सरकार को नीति पर विचार करने का आदेश दिया है। 

क्या दिल्ली सरकार की तरह वकीलों के लाभ के लिए कोई योजना बनाई जा सकती है

कर्नाटक हाइकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि बार एसोसिएशन, राज्य सरकार के अधिकारियों, एलआईसी और चार सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के अधिकारियों की बैठक बुलायी जाए। जिसमें यह पता लगाया जा सके कि क्या दिल्ली सरकार की तरह वकीलों के लाभ के लिए कोई योजना बनाई जा सकती है। 

मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या दिल्ली सरकार की तरह भारतीय जीवन बीमा निगम या किसी अन्य बीमा कंपनी के साथ मिलकर काम किया जा सकता है? हाइकोर्ट ने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार को बार के पात्र सदस्यों के लिए उक्त योजना को बनाने पर विचार करना होगा।

29 हजार से अधिक वकीलों को मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना का लाभ दिल्ली में रहने वाले 29077 अधिवक्ताओं को मिल रहा है। बीमा योजना के तहत वकीलों को चिकित्सा और जीवन बीमा सुविधा मिल रही है। 

राज्य सरकार को दिया दो सप्ताह का समय

कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी कहा है कि वह यह बताए कि क्या कानूनी मामलों के विभाग द्वारा कोई समिति गठित की गई है या कोई सिफारिश की गई है ताकि वकीलों को बीमा प्रदान करने के लिए योजना बनायी जा सके

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