कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मजबूर किया, 4 साल से जारी है फरेब: विदेश मंत्रालय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2020, 08:50 PM IST

Kulbhushan Jadhav: विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों पर कहा कि पाकिस्तान का दावा कि कुलभूषण जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार किया है, ये ढोंग को जारी रखना है।

कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मजबूर किया, 4 साल से जारी है फरेब: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली: कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान ने एक बार फिर गलत रवैया अपनाते हुए कहा कि जाधव ने अपनी सजा पर दोबारा विचार करने के लिए समीक्षा याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान जाधव को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित रखने के लिए हर तिकड़म आजमाता रहा है। इस मामले में पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) में फटकार खा चुका है, लेकिन अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है। अब इस मसले पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रतिक्रिया दी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'पाकिस्तान का दावा कि कुलभूषण जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार किया, ढोंग को जारी रखना है। यह पिछले 4 सालों से चल रहे फरेब का एक सिलसिला है। हम कुलभूषण जाधव के मामले में कूटनीतिक माध्यमों से आईसीजे के फैसले का पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन कर रहे हैं। आज पाकिस्तान द्वारा दिया गया मीडिया बयान यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले में आईसीजे के फैसले के पालन का भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है।'

MEA ने कहा, 'कुलभूषण जाधव को फर्जी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा सुनाई गई। वह पाकिस्तान की सेना के कब्जे में हैं। समीक्षा दर्ज करने से इनकार करने के लिए उन्हें स्पष्ट रूप से मजबूर किया गया है। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर अंतरराष्ट्रीय न्याय कानून के फैसले के क्रियान्वयन के अपने अधिकार को त्यागने का दबाव बनाया।' 

बयान में आगे कहा गया है कि हमारे बार-बार अनुरोधों के बावजूद पाकिस्तान भारत को कुलभूषण जाधव की स्वतंत्र और अबाधित पहुंच से वंचित करता रहा है। भारत ने बार-बार पाकिस्तान से कहा कि किसी भी समीक्षा और पुनर्विचार कार्यवाही में जाधव के लिए बाहरी वकील को उपस्थित होने की अनुमति दी जाए। पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव मामले में प्राथमिकी, सबूत, अदालत के आदेश सहित कोई भी प्रासंगिक दस्तावेज सौंपने से इनकार कर दिया।

मंत्रालय ने कहा, 'आईसीजे पहले ही यह मान चुका है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। जाधव की सुरक्षा और भारत में उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी कोशिश करेगी। अंत तक सभी उपयुक्त विकल्पों पर विचार किया जाएगा।'

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