हरियाणा के कर्मचारी पहनेंगे स्मार्टवॉच, रखी जाएगी उनकी मूवमेंट पर नजर, उसी से लगेगी एटेंडेंस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 24, 2021, 09:44 AM IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि राज्य के सभी सरकारी अधिकारी स्मार्टवॉच पहनेंगे जो कार्यालय समय के दौरान उनकी आवाजाही पर नजर रखने के साथ-साथ उपस्थिति लगाने के लिए भी एक उपकरण के रूप में काम करेगी।

हरियाणा के कर्मचारी पहनेंगे स्मार्टवॉच, रखी जाएगी उनकी मूवमेंट पर नजर, उसी से लगेगी एटेंडेंस

नई दिल्ली: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी अधिकारियों को स्मार्टवॉच पहननी होगी जो ऑफिस समय के दौरान उनकी आवाजाही को ट्रैक करेगी और साथ ही उपस्थिति को चिह्नित करने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेगी। शनिवार को सोहना के सरमथला गांव में 'विकास' रैली के दौरान खट्टर ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी अधिकारी स्मार्टवॉच पहनेंगे जो कार्यालय समय के दौरान उनकी आवाजाही पर नजर रखेगी और साथ ही उपस्थिति को चिह्नित करने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कदम पिछले रोस्टर और उसके बाद की बायोमेट्रिक प्रणाली से प्रगति को चिह्नित करेगा, जिससे उन खामियों को दूर करना जो उपस्थिति में हेरफेर करने की अनुमति देती हैं। सीएम ने कहा कि नई प्रणाली संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगी और नकली और झूठी उपस्थिति के बारे में बताएगी। 

खट्टर ने कहा कि हम ऐसी स्मार्टवॉच पेश करेंगे जो केवल उसी अधिकारी को ट्रैक करेंगी जिसे इसे सौंपा गया है। अगर कोई और इसे पहनता है तो घड़ी काम करना बंद कर देगी। इस तरह हरियाणा में सभी सरकारी अधिकारियों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी।

2014 से पहले रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करने की मैनुअल प्रणाली का जिक्र करते हुए खट्टर ने कहा कि ऐसा होता था कि कोई कर्मचारी एक सप्ताह के बाद कार्यालय आता था और उपस्थिति रजिस्टर में सप्ताह में सभी दिनों के लिए टिक मार्क लगा दिया करता था। हमने सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति को नियमित करने और अनुशासन लाने के लिए अपनी सरकार के गठन के बाद बायोमेट्रिक सिस्टम की शुरुआत की।

वर्तमान में, स्मार्टवॉच एटेंडेंस सिस्टम को पंचकुला नगर निगम और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा अपनाया गया है। लेकिन जीपीएस-सक्षम निगरानी प्रणाली की उन कर्मचारियों ने आलोचना शुरू कर दी है जिन्होंने दावा किया है कि इससे उनकी प्राइवेसी भंग हुई है।

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