लाइफस्टाइल

कहीं आप भी तो गलत तरीके से नहीं धो रहे बाल, एक्सपर्ट्स से जानें हेयर वॉश का सही तरीका

भारतीय घरों में बाल धोने का एक सेट पैटर्न है। पहले बालों में भरकर तेल लगाना, फिर जड़ों से लेकर सिर के आखरी छोर तक शैम्पू उड़ेलना और जोर-जोर से रगड़ना।

Image

बाल धुलने की ये गलतियां आपको पहुंचा रही हैं बड़ा नुकसान (Photo: iStock)

सिल्की, शाइनी और घने बाल हर कोई चाहता है। इसके लिए हम महंगे-महंगे शैम्पू, कंडीशनर, तेल और हेयर सीरम का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकते। वैसे क्या कभी आपने सोचा है कि तमाम जतन करने के बाद आपके बाल रूखे और बेजान क्यों हो रहे हैं? दरअसल, दिक्कत आपके प्रोडक्ट्स में नहीं, आपके हेयर वॉश करने के तरीके में है। जी हां, भारतीय घरों में सदियों से चला आ रहा हेयर वॉश का घिसा-पिटा तरीका ही हमारे बालों की सबसे बड़ी बर्बादी की वजह बन रहा है।

सबसे बड़ी गलती

भारतीय घरों में बाल धोने का एक सेट पैटर्न है। पहले बालों में भरकर तेल लगाना, फिर जड़ों से लेकर सिर के आखरी छोर तक शैम्पू उड़ेलना और जोर-जोर से रगड़ना। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यही वह जगह है जहां हम सबसे बड़ी गलती करते हैं। हमें यह समझना होगा कि स्कैल्प और बालों के छोर की जरूरतें पूरी तरह से अलग होती हैं।

बालों के छोर बेजान धागे की तरह होते हैं। यह बाल का सबसे पुराना हिस्सा होते हैं, जो धूप, धूल, हीट स्टाइलिंग और प्रदूषण का सामना लंबे समय से कर रहे होते हैं। इन्हें सफाई से ज्यादा नमी की जरूरत होती है। जब आप शैम्पू को पूरे बालों में रगड़ते हैं, तो केमिकल बालों की बची-खुची नमी भी छीन लेते हैं। इससे बाल दोमुंहे और रूखे हो जाते हैं।

डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह

स्किन और हेयर एक्सपर्ट्स का कहना है कि शैम्पू को हमेशा सिर्फ और सिर्फ स्कैल्प पर लगाना चाहिए। जब आप सिर धोते समय पानी डालते हैं, तो शैम्पू का झाग अपने आप नीचे बहता हुआ बालों की लंबाई को बिना रगड़े अपने आप साफ कर देता है। इसके लिए अलग से बालों को रगड़ने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती।

बाल धोने के बाद की ये 3 गलतियां भी छोड़ें

केवल शैम्पू करने का तरीका ही गलत नहीं है। बाल धोने के तुरंत बाद की जाने वाली आदतें भी बालों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं:

गीले बालों में कंघी करना: गीले बाल अपनी सबसे कमजोर स्थिति में होते हैं। ऐसे में जड़ों से खींचकर कंघी करने से बाल बीच में से टूट जाते हैं। हमेशा चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें और बालों को नीचे के छोर से सुलझाते हुए ऊपर जड़ों की तरफ आएं।

तौलिए से जोर-जोर से रगड़ना: बाल धोते ही सूखे तौलिए से सिर को जोर-जोर से रगड़कर सुखाना बेहद हानिकारक है। इससे बालों का आउटर क्यूटिकल डैमेज होता है और बाल फ्रिज़ी हो जाते हैं। तौलिए से रगड़ने के बजाय किसी सूती टी-शर्ट या माइक्रोफाइबर टॉवल से हल्के हाथ से पानी थपथपाकर थामें।

'हफ्ते में दो बार' का नियम: जरूरी नहीं कि हर कोई हफ्ते में दो बार ही बाल धोए। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, हेयर वॉश की फ्रीक्वेंसी आपकी स्कैल्प के ऑयल प्रोडक्शन और धूल-मिट्टी के संपर्क पर निर्भर करती है।

हेयर वॉश का सही और आसान तरीका

पानी से भिगोएं: शैम्पू लगाने से पहले बालों और स्कैल्प को गुनगुने या सामान्य पानी से अच्छी तरह गीला करें।

स्कैल्प पर फोकस करें: शैम्पू को हाथ में थोड़ा पानी मिलाकर पतला करें और उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से सिर की मालिश करें। नाखूनों का इस्तेमाल न करें।

पानी से धोएं: पानी डालते समय झाग को बालों के नीचे बहने दें।

कंडीशनर का इस्तेमाल: कंडीशनर को सिर्फ बालों की लंबाई पर लगाएं, जड़ों में नहीं।

जेंटल ड्राइंग: सूती कपड़े या टॉवल से अतिरिक्त पानी सुखाएं और हवा में स्वाभाविक रूप से सूखने दें।

अपनी इस छोटी सी आदत को बदलकर देखिए। बिना कोई नया प्रोडक्ट खरीदे आपके बाल पहले से कहीं ज्यादा चमकदार, मजबूत और संभले हुए नजर आएंगे!

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article