लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करने के समर्थन में आई कांग्रेस, हार्ड हिंदुत्व की तरफ बढ़ाया कदम!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 25, 2022, 03:16 PM IST

देश में इन दिनों लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा को लेकर एक बहस सी छिड़ी पड़ी है। इस बीच कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने इस विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करने के समर्थन में आई कांग्रेस, हार्ड हिंदुत्व की तरफ बढ़ाया कदम!

इंदौर: महाराष्ट्र की राजनीति से शुरू होकर लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का मुद्दा पूरे देश में फैल गया है। राज ठाकरे द्वारा उद्धव सरकार को दी गई चेतावनी के बाद हनुमान चालीसा की राजनीति से महाराष्ट्र में सियासी संग्राम छिड़ गया है। धीरे-धीरे यह मुद्दा देश के अन्य राज्यों में फैलता गया और कई राजनीतिक दल जहां लाउडस्पीकर बैन का समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे महज एक सियासी शिगूफा मान रहे हैं। अब कांग्रेस नेता भी लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ कराने के समर्थन में आ गए हैं।

जीतू पटवारी ने किया समर्थन

इंदौर में लाउडस्पीकर पर पांच वक्त हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने में कोई बुराई नहीं है। जीतू पटवारी ने कहा कि मैं हर मंगलवार को सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर पर ही करवाता हूं। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर पर पड़ने पर कोई रोक टोक नहीं होना चाहिए। वहीं जब जीतू पटवारी से अजान को लाउडस्पीकर पर पढ़ने को लेकर सवाल किया गया तो वह इसे टालते नजर आए।

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा, 'लाउडस्पीकर को लेकर देश में जो भावना बनाई जा रही है उससे देश का भला नहीं होने वाला है। मैं भी रोज पाठ करता हूं, मेरी आस्था का विषय है। लाउडस्पीकर में हमारे सुंदरकांड होते हैं और हनुमान चालीसा भी होता है। रोज या मंगलवार को लाखों परिवारों में होता है। शनिवार को हनुमान चालीसा पाठ होता है। मैं खुद लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ कराता हूं।'

लक्ष्मण सिंह का ट्वीट

वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट करते हुए लाउडस्पीकर विवाद पर अपनी राय रखते हुए लिखा, 'लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगाना अच्छा निर्णय होगा। दंगे भी नहीं होंगे,जनता को राहत मिलेगी।न तो राम बहरे हैं और न ही अल्लाह।जो शक्तियां दुनिया को पालती हैं,उन्हें कुछ "मूर्ख"क्या सुनाएंगे और सिखाएंगे?'

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