सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियां शनिवार को गंगा में की जाएंगी प्रवाहित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 11, 2021, 12:31 AM IST

सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। 

सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियां शनिवार को गंगा में की जाएंगी प्रवाहित

नई दिल्ली : प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। पारिवारिक सदस्यों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। देश के पहले सीडीएस जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का शुक्रवार को यहां दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वेयर अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जनरल रावत की छोटी बेटी तारिणी ने कहा कि हम कल उनकी अस्थियां लेकर हरिद्वार जाएंगे। तारिणी ने अपनी बड़ी बहन कृतिका के साथ आज अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार से संबंधित अनुष्ठान कार्य किए।

जनरल रावत के छोटे भाई एवं पूर्व सैन्य अधिकारी विजय रावत ने कहा कि हम कल उनकी अस्थियों को हरिद्वार ले जाएंगे। हम परिवार के सदस्य उनकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि वेलिंग्टन में समारोह में शामिल होने के लिए तमिलनाडु जाने से पहले मैंने उनसे बात की थी। कभी नहीं सोचा था कि किस्मत उन्हें हमसे दूर ले जाएगी।

वहीं, जनरल रावत के साले यशवर्धन सिंह ने कहा कि जनरल रावत और मेरी बहन दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। हम कल सुबह सुबह एक 'कलश' में अस्थियां उठाएंगे तथा फिर हरिद्वार जाएंगे जहां अस्थियों को पवित्र गंगा में विसर्जित किया जाएगा और कुछ अनुष्ठान किए जाएंगे।

हेलीकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्यकर्मियों के निधन के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। तिरंगे में लिपटे ताबूत में रखे जनरल रावत के अवशेषों को जैसे ही फूलों से सजी तोपगाड़ी में गाड़ी रखा गया, लोगों ने फूलों की पंखुड़ियों की बौछार की और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, रावत जी का नाम रहेगा’ और ‘जनरल रावत अमर रहें’ जैसे नारे लगाए। लोगों ने अंत्येष्टि स्थल पर भी ऐसे ही नारे लगाए।

बुधवार को, तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एक एमआई17वी5 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्यकर्मियों का निधन हो गया था।

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