Liquor Policy Probe: मनीष सिसोदिया के खिलाफ अभी कोई लुक आउट नोटिस जारी नहीं : सीबीआई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 22, 2022, 08:29 AM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को पुष्टि की कि कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी नहीं किया है।

Liquor Policy Probe: मनीष सिसोदिया के खिलाफ अभी कोई लुक आउट नोटिस जारी नहीं : सीबीआई

Manish Sisodia: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उसे दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है क्योंकि इसकी प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। रविवार को मनीष सिसोदिया ने आबकारी नीति मामले में अपने और अन्य आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) की खबरों पर तंज कसा था।

दो आरोपी नहीं मिले घर पर

सीबीआई सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह एक प्रक्रियात्मक मामला है जिसमें किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जारी करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, 19 अगस्त को आरोपी व्यक्तियों के परिसरों में की गई तलाशी के दौरान, दो आरोपी अपने घर पर नहीं मिले और उनका पता नहीं चला। हालांकि उन्हें मामले की जांच में शामिल होने के लिए तलब किया गया है।

इससे पहले अपने खिलाफ एलओसी की रिपोर्ट के बाद, मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो ट्वीट किया जिसमें पीएम (गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में) तत्कालीन केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर निशाना साध रहे थे। उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि सीबीआई को उनके घर की तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला है।

इस स्थिति में जारी होता है लुक आउट सर्कुलर

एलओसी के तहत संबंधित एजेंसियां ​​​​ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में सूचित करती हैं जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किए बिना देश छोड़ सकता है। BoI अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर आव्रजन चौकियों पर अपने अधिकारियों को LOC की सूची अपडेट करता है। एलओसी की कुछ श्रेणियां हैं जैसे कि जहां किसी व्यक्ति के देश से बाहर जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और एक निश्चित श्रेणी में वह जा सकता है, लेकिन अनुमति लेनी होगी और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसी को सूचित करना होगा। 

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