एक झटके में अनुच्छेद 370 हटा, जो कहते थे खून की नदियां बहेंगी, पत्थर भी फेंकने की हिम्मत नहीं हुई: अमित शाह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 19, 2022, 04:32 PM IST

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में आइडिया ऑफ इंडिया फ्रॉम स्वराज टू न्यू इंडिया सेमिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग कहते थे अनुच्छेद 370 हटेगा तो खून की नदियां बहेंगी उनमें पत्थर भी फेंकने की हिम्मत भी नहीं हुई।

एक झटके में अनुच्छेद 370 हटा, जो कहते थे खून की नदियां बहेंगी, पत्थर भी फेंकने की हिम्मत नहीं हुई: अमित शाह

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आइडिया ऑफ इंडिया फ्रॉम स्वराज टू न्यू इंडिया सेमिनार को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 5 अगस्त, 2019 को चुटकी बजाई और एक झटके में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। जो कहते थे खून की नदियां बहेंगी उनमें पत्थर भी फेंकने की हिम्मत भी नहीं हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत एक भू-सांस्कृतिक देश है और जब तक हम इसे नहीं समझेंगे, हम भारत के विचार को नहीं समझ सकते।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 से 2022 तक के शासनकाल में भारत ने कई नए मुकाम हासिल किए और 80 करोड़ लोग खुद को देश का हिस्सा मानने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से पहले, भारत के पास कोई रक्षा नीति नहीं थी, लेकिन हमने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और हवाई हमलों से दिखाया कि यह क्या होती है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) पहली ऐसी शिक्षा नीति है, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया और सभी ने इसका स्वागत किया। कुछ लोग भारत को समस्याओं का देश कहते हैं, लेकिन हमारे पास समाधान खोजने की क्षमता है। विश्वविद्यालयों को वैचारिक लड़ाई का मैदान नहीं बनना चाहिए। विश्वविद्यालयों को विचार आदान-प्रदान करने का मंच बनना चाहिए, न कि वैचारिक लड़ाई का स्थान बनना चाहिए।
 

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