'कहीं इजरायल जैसी न हो जाए भारत की राजनीति', असदुद्दीन ओवैसी को क्‍यों लगता है डर?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 5, 2022, 01:04 PM IST

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए धुआंधार प्रचार अभियान चला रहे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की कार पर हमले के बाद से यह मसला तूल पकड़ता जा रहा है। समझा जा रहा है कि गृह मंत्री सोमवार को इस पर संसद में जवाब देंगे। वहीं AIMIM चीफ ने आशंका जताई है कि कहीं भारत की राजनीति इजरायल जैसी न हो जाए।

'कहीं इजरायल जैसी न हो जाए भारत की राजनीति', असदुद्दीन ओवैसी को क्‍यों लगता है डर?

नई दिल्‍ली : यूपी में जारी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कार पर हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिसके बाद सरकार ने उन्‍हें CRPF की Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है। हालांकि सांसद ने इसे खारिज करते हुए खुद को A श्रेणी का नागरिक बनाने की मांग की और कहा कि ऐसी हरकतें उन्‍हें चुप कराने के लिए हो रही हैं, लेकिन वह लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की कार पर गुरुवार को उस वक्‍त हमला हुआ था, जब वह चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद मेरठ से दिल्ली लौट रहे थे। लोकसभा सांसद की कार राष्ट्रीय राजमार्ग 24 के हापुड़-गाजियाबाद खंड पर छिजारसी टोल प्लाजा के पास थी, जब शाम करीब 6 बजे उस पर गोली चलाई गई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जिन्‍होंने पूछताछ के दौरान बताया कि वे AIMIM नेता के हिंदू-विरोधी बयानों से आहत थे, इसलिए उन्‍होंने गोली चलाई।

'कहीं इजरायल जैसा न हो जाए भारत का हाल'

यह मसला शुक्रवार को लोकसभा में भी उठा, जब AIMIM चीफ ने कहा कि वह मौत से डरते नहीं हैं, लेकिन देश में नफरत की राजनीति बंद होनी चाहिए। वहीं समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्‍होंने डर जताया कि देश की राजनीति कहीं इजरायल जैसी न हो जाए। उनकी कार पर गोली चलाने वालों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अध‍िनियम के तहत केस दर्ज करने की मांग करते हुए ओवैसी ने कहा, जिन लोगों ने गोली चलाई, उनके पीछे कई लोग हैं। सरकार आखिर इनके खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई क्‍यों नहीं कर रही?

उन्‍होंने कहा, 'प्रयागराज में हाल ही में तथाकथित धर्म-संसद का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने मुझे मारने के बारे में खुलेआम बातें की। सरकार आखिर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवई क्‍यों नहीं कर रही? मुझे डर है, कहीं भारत की राजनीति, जहां बहुत का शासन है, भी कहीं इजरायल जैसी न हो जाए।'

साथ में हथियार रखने की मांगी अनुमति

AIMIM चीफ ने उन पर गोली चलाने वालों को रेडिकलाइज्‍ड (कट्टरपंथी सोच से प्रेरित) करार देते हुए कहा कि साल 2015 में ही संसद में उन्‍होंने मांग की थी सभी धर्मों में ऐसे समूहों का गठन किया जाना चाहिए, जो युवाओं को कट्टरपंथी सोच को दूर करे। उन्‍होंने कहा, 'आखिर वे कट्टरपंथी ही थे, जिन्‍होंने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की हत्‍या की। यहां तक कि हमारे दो प्रधानमंत्री भी इसकी भेंट चढ़ चुके हैं।'

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने सरकार से अपनी सुरक्षा के लिए यात्रा के दौरान Glock हथियार को साथ रखने की अनुमति मांगी। साथ ही उन्‍होंने बुलेटप्रूफ कार के इस्‍तेमाल की अनुमति भी सरकार से मांगी। वहीं केंद्र सरकार की ओर से CRPF की Z श्रेणी सुरक्षा को खारिज करते हुए AIMIM चीफ ने कहा कि उन्‍हें जेड श्रेणी की सुरक्षा नहीं चाहिए, बल्कि वह तो देश के A श्रेणी के नागरिक बने रहना चाहते हैं। 

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