भारत में लैंड होते ही रो पड़े अफगान सांसद, बोले- 20 साल में जो बनाया वो सब कुछ खत्म हो गया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 22, 2021, 12:27 PM IST

Afghanistan's MP Narender Singh Khalsa: अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने के बाद तमाम लोग देश छोड़ रहे हैं। इस बीच भारत पहुंचे अफगान सांसद नरेंदर खालसा रो पड़े।

भारत में लैंड होते ही रो पड़े अफगान सांसद, बोले- 20 साल में जो बनाया वो सब कुछ खत्म हो गया

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद से वहां हालात बद से बदतर हो गए हैं। लगातार अफगान नागरिक अपना देश छोड़ रहे हैं। भारत में भी कई अफगान नागरिक शरण लिए हुए हैं और एयरफोर्स लगातार नागरिकों को वहां से रेस्क्यू कर भारत ला रही है जिसमें दूसरे देशों के साथ-साथ अफगान नागरिक भी शामिल हैं। इस बीच आज राजधानी में खराब होती सुरक्षा स्थिति के बीच भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक सैन्य परिवहन विमान ने काबुल से 107 भारतीयों समेत 168 लोगों को रविवार को वहां से निकाला।

रो पड़े अफगान सांसद
तालिबान के खौफ से बचकर भारत आए नागरिकों की आंखों में सकून साफ देखा जा सकता है। एक तरफ भारतीयों को जहां अपने वतन वापसी पर खुशी हो रही थी तो दूसरी तरफ कुछ अफगान नागरिक भी थे जिन्हें अपना सब कुछ बर्बाद होते देखकर रोना आ रहा था।  अफगान सांसद नरेंदर खालसा तो मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने मीडिया से बात करहुए कहा, 'जो अफगानिस्तान में हम पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन जो अब देखा वो कभी नहीं देखा। सब कुछ हमारा खत्म हो गया है। 20 साल पहले जो सरकार बनी थी.. अब सबकुछ खत्म हो गया है। 

उन्होंने तालिबान के हालात बयां करते हुए कहा, 'एयरपोर्ट पर हर गेट पर 5 से 6 हजार लोग खड़े हैं। तालिबान के लोग जब वहां आए तो वो भी नहीं पहचान पाए कि कौन बुरा है और कौन अच्छा।' हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सभी यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए। यहां पहुंचने वालों में कुछ नवजात भी शामिल हैं।

तालिबान ने जलाया घर

एक अफगान महिला ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर मीडिया से बात करते हुए कहा, 'अफगानिस्तान में हालात बिगड़ रहे थे, इसलिए मैं अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों के साथ यहां आई। हमारे भारतीय भाई-बहन हमारे बचाव में आए। उन्होंने (तालिबान ने) मेरा घर जला दिया। मैं हमारी मदद करने के लिए भारत को धन्यवाद देती हूं।'

आपको बता दें कि तालिबान के पिछले रविवार को काबुल पर कब्जा जमाने के बाद भारत अफगान राजधानी से पहले ही भारतीय राजदूत और दूतावास के अन्य कर्मियों समेत 200 लोगों को वायुसेना के दो सी-19 परिवहन विमानों के जरिये वहां से निकाल चुका है। सोमवार को 40 से ज्यादा भारतीयों को लेकर पहली उड़ान भारत पहुंची थी। भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों और वहां फंसे कुछ भारतीयों समेत करीब 150 लोगों के साथ दूसरा सी-17 विमान मंगलवार को भारत पहुंचा था।

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