गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में केरल वन विभाग की कार्रवाई, हुई पहली गिरफ्तारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 5, 2020, 12:58 PM IST

Kerala elephant death Update: केरल में विस्फोटक खिलाने के बाद एक हथिनी की दर्दनाक मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हुई है। इस घटना को लेकर पूरे देश में आक्रोश की लहर देखने को मिल रही है।

गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में केरल वन विभाग की कार्रवाई, हुई पहली गिरफ्तारी

नई दिल्ली: केरल में एक गर्भवती हथिनी की मौत की घटना पूरी देश को द्रवित कर दिया है और लोगों में आक्रोश की लहर देखने को मिल रही है। इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने को लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। विस्फोटक खिलाकर हथिनी को घायल करके मारने की घटना में केरल वन विभाग ने कार्रवाई की है और मामले में पहली गिरफ्तारी कर ली गई है।

केरल के पलक्कड़ जिले में 15 साल की गर्भवती हथिनी की वीलियार नदी के पानी में खड़े खड़े मौत हो गई थी। विस्फोटक खाने के बाद दर्द से कराहते हुए बिना कुछ खाए पिए वह पानी के बीच खड़ी रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि फल चबाने के बाद, इसमें छिपा विस्फोटक मुंह के अंदर फट गया और गंभीर घाव हो गए।

कई दिनों तक कुछ भी खाने में असमर्थ रहने के बाद कमजोरी के कारण नदी में खड़े रहकर मादा हाथी ने अपनी जान गंवा दी थी। शुक्रवार को, केरल वन विभाग (केएफजी) ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है।

वन मंत्री का बयान: पलक्कड़ में एक गर्भवती हाथी की हत्या पर केरल के वन मंत्री के. राजू ने कहा कि वन विभाग ने जांच के लिए तीन टीमों को नियुक्त किया है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन: गिरफ्तारी से पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा था कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि क्रूर अपराध के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी दुखद अपराध पर दुख व्यक्त किया था।

उन्होंने ट्वीट किया था, 'जंगली हाथी की मौत से केरल और अन्य राज्यों में हजारों याचिकाएं दायर की गई हैं। इस चौंकाने वाली घटना से जनता का आक्रोश निश्चित रूप से समझ में आता है।' इस अपराध पर अन्य राजनेताओं ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए दुख जाता था।

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