'सौ साल भेड़ की तरह जीने से अच्छा एक दिन शेर की तरह जीना', LAC पर चीन को चिढ़ाता हुआ आर्मी का संदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 26, 2020, 12:25 PM IST

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की अग्रणी चौकी पर एक साइनबोर्ड हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।

'सौ साल भेड़ की तरह जीने से अच्छा एक दिन शेर की तरह जीना', LAC पर चीन को चिढ़ाता हुआ आर्मी का संदेश

नई दिल्ली: वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ पिछले कई महीनों से तनाव चल रहा है। लद्दाख हो फिर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में चीन से सटी सीमा, हर जगह भारतीय जवान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए के लिए तैयार हैं। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में एक चीन से सटी सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस यानि आईटीबीपी का एक साइबोर्ड काफी सुर्खिया बंटोर रहा है।

चीन को चिढ़ाने वाला साइनबोर्ड
अग्रणी चौकी पर लगा यह साइनबोर्ड चीन को चिढ़ाने के लिए काफी है जिसमें अंग्रेजी में लिखा है 'It is better to live one day as Lion than a hundred years as sheep', यानि जिंदगी भर भेड़ की तरह जीने से तो बेहतर है कि एक दिन शेर की तरह जीना। दरअसल इस लाइन अंग्रेजों की नाक में दम करने वाले और ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ने वाले मैसूर के शासक टीपू सुल्तान ने स्वंय के लिए कही थी।

मजबूती से डटे हुए हैं जवान

आपको बता दें कि चीन के साथ पिछले कई महीनों से तनाव बना है ऐसे में सेना देश के विभिन्न हिस्सों में चीन से सटे इलाकों में मजबूती से डटी हुई है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में ITBP  के 55 बटालियन कमांडर कमांडेंट आईबी झा ने बताया, 'चीन की जहां से भी आने की संभावना है हम उन सभी जगहों पर तैनात हैं हमारे सैनिक उन सभी जगहों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। कोई भी घटना न घटे इसके लिए हमने पूरी तैयारी की हुई है।'

एलएसी के नजदीक फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात एक जवान जो याक के को लेकर सामान ले जा रहा था उसने बताया,  'इस याक का नाम कालू है इससे हम फॉर्वड पोस्ट के लिए सप्लाई करते हैं। जो हमारे लिए एक रामबाण की तरह काम करता है और 90 किलो वेट लेकर खड़ी पहाड़ी में चढ़ जाता है और हम इसकी देखभाल करते हैं।'

End of Article