गलवान घाटी हिंसा : चीन की सेना के साथ झड़प में 20 जवान शहीद, PLA को भी भारी नुकसान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 16, 2020, 10:50 PM IST

20 Indian soldiers killed during India-China face-off in Ladakh: गलवान घाटी में सोमवार रात चीन की सेना के साथ हुए हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हुए हैं। चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर है।

गलवान घाटी हिंसा : चीन की सेना के साथ झड़प में 20 जवान शहीद, PLA को भी भारी नुकसान
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नई दिल्ली : गलवान घाटी में सोमवार रात चीन की सेना के साथ हुए हिंसक झड़प में 20 जवानों के शहीद होने की खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी एएनआई का कहना है कि इस झड़प में कम से कम 20 भारतीय जवान शहीद हुए हैं। यह संख्या और बढ़ सकती है। इसके पहले इस हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैनिकों ने गलवान घाटी में यथास्थिति का बदलाव करने की कोशिश की। मंत्रालय ने आगे कहा, 'सीमा प्रबंधन की अपने जिम्मेदार रुख को देखते हुए भारत का स्पष्ट रूप से मानना है कि उसकी सभी गतिविधियां हमेशा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय इलाके में होती हैं। हम भी चीन की तरफ से ऐसा ही उम्मीद करते हैं।

चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस हिंसक झड़प में चीन के सैनिकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। चीन की तरफ 43 सैनिकों के मारे जाने की रिपोर्ट है। इसके पहले समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा कि गलवान घाटी की हिंसा में कम से कम 10 भारतीय जवान शहीद हुए। 

सेना ने बयान जारी किया
गलवान घाटी की हिंसा पर सेना ने अपना बयान जारी किया है। सेना का कहना है कि 15/16 जून की रात गलवान घाटी के जिस स्थान पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़क हुई, उस स्थान से दोनों देशों की सेना पीछे हट गई हैं। गतिरोध के स्थान पर ड्यूटी निभाते समय गंभीर रूप से घायल 17 जवान अत्यंत ऊंचाई पर शून्य तापमान से नीचे मौसम का सामना नहीं कर पाए। जख्मी हालत में होने के चलते सेना ने अपने 17 जवानों को खो दिया। इस तरह से इस हिंसा में कुल 20 जवानों की मौत हो गई। भारतीय सेना अपनी क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभूता की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। 

सीमा पर मई माह से बना है गतिरोध
मई महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच शुरू हुआ गतिरोध अब हिंसक झड़प के रूप में सामने आया है। हिंसा की घटना सामने आने के बाद दिल्ली में राजनाथ सिंह की सैन्य के शीर्ष कमांडरों के साथ दो बार उच्च स्तरीय बैठक हुई है। उधर, चीन के मुखपत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने भारतीय सैनिकों पर एलएसी पार करने का आरोप लगाया है। लद्दाख के पूर्वी इलाके में चीन के साथ गतिरोध बन जाने के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपनी भूमि से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, सीमा पर गतिरोध एवं तनाव दूर करने के लिए भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच लगातार बातचीत चल रही है।

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