देश

मणिपुर में कैसे सुरक्षाबलों के अभियान को रोक रहीं महिला एक्टिविस्ट, सेना ने वीडियो जारी कर बताया

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 27, 2023, 11:26 AM IST

Manipur Violence News : हजारों की संख्या में इन महिला एक्टिविस्टों ने सेना के काफिले को घेराव कर उग्रवादियों को छुड़ाया है। अब सेना ने एक वीडियो जारी कर यह बताया है कि ये महिलाएं कैसे उनके अभियान में बाधा बन रही हैं। सेना ने मणिपुर के लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

Manipur Violence : मणिपुर में जारी हिंसा पर रोक लगाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। हिंसाग्रस्त इलाकों में सेना, अर्धसैनिक बल और राष्ट्रीय राइफल के जवान तैनात हैं। राज्य में उपद्रवियों एवं उग्रवादियों पर नकेल कसने के लिए सेना की ओर से चलाए जा रहे अभियानों में एक बड़ी बाधा वहां की महिला एक्टिविस्ट बनी हैं। हजारों की संख्या में इन महिला एक्टिविस्टों ने सेना के काफिले को घेराव कर उग्रवादियों को छुड़ाया है। अब सेना ने एक वीडियो जारी कर यह बताया है कि ये महिलाएं कैसे उनके अभियान में बाधा बन रही हैं। सेना ने मणिपुर के लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

'हमारी मदद कर मणिपुर की मदद करें'

सेना की स्पीयर कोर ने सोमवार को अपने एक ट्वीट में कहा, 'मणिपुर की महिला एक्टिविस्ट जानबूझकर रास्तों में अवरोध पैदा करने के साथ-साथ सुरक्षा बलों के अभियान में दखल दे रही हैं। जीवन एवं संपत्तिया बचाने जैसी गंभीर परिस्थितियों में इस तरह का अवांछित दखल सुरक्षा बलों के समय पर कार्रवाई करने की क्षमता को प्रभावित करता है। हम शांति कायम करने के अपने प्रयासों में राज्य के सभी लोगों से योगदान करने की अपील करते हैं। हमारी मदद कर मणिपुर की मदद करें।'

रिहा होने वालों में टम्बा भी

सुरक्षाबलों के अभियान में दखल देने की एक घटना पिछले सप्ताह हुई। महिलाओं ने प्रतिबंधित संगठन के 12 कैडरों को ले जा रहे सुरक्षाबलों का घेराव कर लिया जिसके बाद इन कैडरों को छोड़ना पड़ा। इनमें स्वयंभू कमांड लेफ्टिनेंट कर्नल मोईरंगथेम टम्बा भी था। टम्बा 2015 में 6 डोगरा पर घात लगाकर हुए हमले का मास्टरमाइंड है। इस हमले में सेना के 18 जवान शहीद हुए। गत 24 जून के ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने केवाईकेएल 12 कैडरों को हिरासत में लिया। इनके पास से बड़ी संख्या में हथियार एवं गोला-बारूद बरामद हुए।

1200 से 1500 महिलाओं ने किया घेराव

सेना ने कहा कि इंफाल के पूर्वी जिले के गांव इतहाम में सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया और 12 कैडरों को पकड़ा। तभी करीब 1200 से 1500 महिलाओं एवं स्थानीय नेता ने अभियान चला रहे सुरक्षाबलों को चारों तरफ से घेर लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस पर अभियान का नेतृत्व कर रहे सैन्य अधिकारी ने मौके की नजाकत को देखते हुए सभी 12 कैडरों को रिहा कर दिया।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article