दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद उनके गुरु अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल को राजनीति में नहीं जाने की सलाह थी, लेकिन वो मेरी नहीं सुनी। इस दौरान अन्ना हजारे केजरीवाल से नाराज भी दिखे। अन्ना हजारे के साथ अरविंद केजरीवाल सालों तक साथ रहे थे, उनके नेतृत्व में आंदोलन किया था और फिर उसी आंदोलन से अलग होकर केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाई, जिसके खिलाफ अन्ना आज तक हैं।
केजरीवाल के इस्तीफे पर क्या बोले अन्ना हजार?
अपने गृहनगर रालेगण-सिद्धि में मीडिया से बात करते हुए, अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल को राजनीति में प्रवेश न करने और इसके बजाय समाज की सेवा जारी रखने की चेतावनी दी थी, जिससे उन्हें अधिक खुशी मिलेगी। उन्होंने कहा- "मैंने केजरीवाल से बार-बार कहा कि राजनीति में न जाएं। समाज की सेवा करें और आप एक महान व्यक्ति बन जाएंगे। हम कई सालों तक साथ रहे और उस दौरान, मैंने अक्सर उनसे कहा कि समाज सेवा से खुशी मिलती है। खुशियां बढ़ाएं, लेकिन उन्होंने उन शब्दों को दिल पर नहीं लिया। आज, जो होना था, वह हो गया। मैं कैसे जान सकता हूं कि उनके दिल में वास्तव में क्या है?"
पहले भी केजरीवाल की आलोचना कर चुके हैं अन्ना
यह पहली बार नहीं है जब अन्ना हजारे ने केजरीवाल से नाराजगी जाहिर की हो, असहमति जाहिर की हो। इससे पहलेअप्रैल 2024 में, हजारे ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि यह उनकी अपने कर्मों का परिणाम है। हजारे ने कहा था- "मैं इस बात से बहुत परेशान हूं कि अरविंद केजरीवाल, जिन्होंने मेरे साथ काम किया और शराब के खिलाफ आवाज उठाई, अब शराब नीति बना रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी उनके अपने कर्मों के कारण हुई है।"
केजरीवाल ने सभी को चौंकाया
रविवार को अरविंद केजरीवाल ने अचानक से घोषणा की कि वो अगले दो दिनों बाद सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे और दिल्ली में समय पूर्व चुनाव कराने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग उन्हें ‘‘ईमानदारी का प्रमाणपत्र’’ नहीं दे देते, तब तक वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। केजरीवाल शुक्रवार को जेल से बाहर आए थे और आज उन्होंने इसकी घोषणा कर दी।
