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जंतर-मंतर पर पिज्जा, बिरयानी और गोलगप्पों के साथ छात्रों के समर्थन में जुटे लोग, लंगर का भी इंतजाम

खान-पान की सूची भी बड़ी संख्या में मौजूद युवा प्रदर्शनकारियों की पसंद को दर्शाता है। इसमें पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्कुट, फलों के रस और ठंडे पेय शामिल हैं।

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

Photo : PTI

Food Becomes Symbol of Solidarity: पिज्जा, बिरयानी, लंगर, फल और यहां तक कि गोलगप्पे भी जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन में शामिल छात्रों के लिए जरूरी चीजों में शामिल हो गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्वयंसेवक सैकड़ों छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र कथित लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर अब एक सामुदायिक रसोई में बदल गया है, जहां कार्यालय जाने वाले लोग, बुजुर्ग, बच्चे और सामुदायिक समूह कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शनकारियों को भोजन, नाश्ता और पेय पदार्थ उपलब्ध करा रहे हैं।

पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्कुट, फलों के रस और ठंडे पेय

खान-पान की सूची भी बड़ी संख्या में मौजूद युवा प्रदर्शनकारियों की पसंद को दर्शाता है। इसमें पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्कुट, फलों के रस और ठंडे पेय शामिल हैं। वहीं स्थानीय विक्रेता प्रदर्शनकारियों को मुफ्त में गोलगप्पे और दही भल्ले भी उपलब्ध करा रहे हैं। उमस भरे मौसम में प्रदर्शनकारियों को गर्मी से राहत देने के लिए कई भोजन पैकेटों में छोटे हाथ वाले पंखे भी रखे गए हैं।

निहंग सिखों समेत सिख समुदाय ने का लंगर जारी

मंगलवार को प्रदर्शन में शामिल हुए निहंग सिखों समेत सिख समुदाय ने बुधवार को भी लंगर जारी रखा, जिसमें आने वाले हर व्यक्ति को ताजा भोजन परोसा गया। कई बच्चे पानी की बोतलें बांटते नजर आए, जबकि बुजुर्ग स्वयंसेवक प्रदर्शन में शामिल लोगों को केले और मौसमी फल वितरित करते दिखे। दिल्ली की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत रवि मौर्य छुट्टी लेकर स्वयंसेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर से और विदेशों में रहने वाले भारतीयों की ओर से भी मदद पहुंच रही है। उन्होंने कहा, अलग-अलग राज्यों के लोग भोजन और पीने का पानी भेज रहे हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भी योगदान मिल रहा है। हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार छात्रों की मदद करना चाहता है।

भोजन के पैकेटों में हाथ वाले पंखे रखना शुरू

मौर्य ने बताया कि तेज गर्मी में छात्रों को कई घंटे बैठे देखने के बाद स्वयंसेवकों ने भोजन के पैकेटों में हाथ वाले पंखे रखना शुरू किया। उन्होंने कहा, यह छोटी-सी पहल हो सकती है, लेकिन हमें लगा कि हर पैकेट में ऐसी कोई चीज होनी चाहिए, जो थोड़ी राहत दे सके। नाश्ता बांटने वालों में नीट अभ्यर्थी ईशा भी शामिल थीं, जो एक साल का समय गंवा चुकी है और अपने चचेरे भाई के साथ स्वयंसेवा करने प्रदर्शन स्थल पर पहुंची है।

ईशा ने कहा, हम छात्रों के सामने मौजूद अनिश्चितता को समझते हैं। हम अपनी ओर से किसी भी तरह योगदान देना चाहते थे और नाश्ता लाना उनका समर्थन करने का सबसे आसान तरीका लगा। ईशा ने बताया कि उन्होंने और उनके चचेरे भाई ने अपनी जेब खर्च की राशि बचाकर नाश्ता खरीदा। फल बांट रही एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि वह छात्रों को अपने बच्चों की तरह देखती हैं। उन्होंने कहा, मैं यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि वे कुछ अच्छा खाएं। अगर वे घंटों यहां बैठे हैं तो कम से कम हम उनका ध्यान तो रख सकते हैं।

पानी की बोतलें बांट रहे कॉलेज छात्र

पानी की बोतलें बांट रहे कॉलेज छात्र अमित ने कहा कि अलग-अलग लोग एक साझा उद्देश्य के लिए साथ आए हैं। उन्होंने कहा, बहुत गर्मी है और कई छात्र सुबह से यहां मौजूद हैं। अगर किसी को पानी की एक बोतल देने से वह थोड़ी देर और यहां रह सकता है तो मेरे लिए यही पर्याप्त है। सोमवार को कॉकरोच के नेतृत्व वाले संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर धरना जारी है। उस दिन मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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