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सिसोदिया नहीं तो कौन होगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? केजरीवाल के ऐलान के बाद अटकलें तेज

Delhi New Chief Minister: अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे सीनियर नेताओं के जेल में जाने के बाद आतिशी ने ही दिल्ली सरकार से लेकर पार्टी की कमान संभाली है। हर मामले में वह लीड करती भी नजर आई हैं। हालांकि, सौरभ भारद्वाज की गिनती भी केजरीवाल के भरोसेमंद मंत्रियों में होती है।

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कौन होगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री।

Photo : Twitter

Delhi New Chief Minister: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को बड़ा ऐलान करके सभी को चौंका दिया है। केजरीवाल ने ऐलान किया कि वह दो दिन में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने यह भी साफ कर दिया है कि मनीष सिसोदिया उनकी जगह नहीं लेंगे। केजरीवाल ने कहा, मनीष सिसोदिया भी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। कोई और नेता सीएम पद पर रहेगा। मैं और सिसोदिया जनता के बीच जाएंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, अगले दो दिन में विधायक दल की बैठक होगी और इसमें मुख्यमंत्री चुन लिया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने चुनाव आयोग से जल्द से जल्द दिल्ली में चुनाव कराने की भी मांग की। केजरीवाल ने कहा कि नवंबर में महाराष्ट्र के साथ दिल्ली के भी चुनाव कराए जाएं।

ये चेहरे सबसे आगे

केजरीवाल के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर मनीष सिसोदिया का नाम सबसे आगे था। हालांकि, शराब घोटाले में जेल से रिहा होने के बाद पूर्व शिक्षामंत्री ने कोई मंत्री पद नहीं लिया है और कैबिनेट से अलग होगा पार्टी के प्रचार में जुटे हैं। उधर, केजरीवाल ने सिसोदिया को लेकर चल रही अटकलों को विराम दे दिया है। ऐसे में दिल्ली मंत्रिमंडल में नंबर तीन और चार की तलाश तेज हो गई है, जो सीएम पद का दावेदार हो सकता है। इनमें दिल्ली की मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम सबसे आगे है।

आतिशी बन सकती हैं सीएम

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे सीनियर नेताओं के जेल में जाने के बाद आतिशी ने ही दिल्ली सरकार से लेकर पार्टी की कमान संभाली है। हर मामले में वह लीड करती भी नजर आई हैं। ऐसे में केजरीवाल के बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। हालांकि, सौरभ भारद्वाज की गिनती भी केजरीवाल के भरोसेमंद मंत्रियों में होती है। दो से तीन दिन में होने वाली विधायक दल की बैठक में सीएम पद का दावेदार चुन लिया जाएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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