बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर के फोटो वाली प्लेट पर खाना परोसने के बाद आंध्र प्रदेश में विवाद हो गया। यह मामला इतना गर्मा गया कि पुलिस तक जा पहुंचा और फिर 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिन्हें बाद में अरेस्ट भी किया गया। इस बीच, जिस होटल में खाना उक्त प्लेट पर सर्व किया गया था, उसकी भी मुश्किलें बढ़ गईं, क्योंकि होटल के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया गया है।
मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने बताया कि आंध्र पुलिस ने होटल के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया है, जिसने बाबा साहब के फोटो वाली पेपर प्लेट (कागज की) पर खाना परोसा था।
दरअसल, एनसीएससी को पिछले साल आठ जुलाई को माइक्रो ब्लॉगिंग मंच ट्विटर के जरिए इस बारे में शिकायत मिली थी। कंप्लेंट में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि कोनासीमा जिले के एक होटल में भारतीय संविधान के जनक अंबेडकर की तस्वीर वाली कागज की प्लेट पर खाना परोसा गया था।
अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के सदस्यों की तरफ से इस बाबत विरोध किया गया था तो होटल मालिक ने 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने अनुसूचित जाति के 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत जांच की और होटल मालिक और पेपर प्लेट विक्रेता के खिलाफ आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
एनसीएससी के अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि एक सुनवाई के दौरान पुलिस ने आयोग को सूचित किया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार मामले में एससी-एसटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए को जोड़ा गया है। सुनवाई के दौरान अनुसूचित जाति के 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी रद्द कर दी गई।
