Protesting against Corruption: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सरकारी विभागों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने घर के पास एक मंदिर में पिछले चार महीने से धरने पर बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। माट तहसील के उप जिलाधिकारी आदेश कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले चार महीने से अपने घर के पास स्थित एक मंदिर में धरने पर बैठे शंकरगढ़ी गांव निवासी 66 साल के देवकीनंदन शर्मा की विगत 11 जून की शाम को तबीयत अचानक बिगड़ गई।
कुमार ने बताया कि उन्हें पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन हालत खराब होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन के मुताबिक देवकीनंदन पंचायती राज तथा अन्य सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में पिछले चार महीने से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
'साथी ग्रामीणों से परामर्श करने के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया'
उप जिलाधिकारी आदेश कुमार ने बताया कि तहसील कर्मचारियों को 66 साल के देवकीनंदन शर्मा को धरना समाप्त करने के लिए मनाने के मकसद से कई बार भेजा गया लेकिन वह नहीं माने।'उन्होंने कहा, 'मेरे बार-बार अनुरोध पर पहले, 10 जून को वह अपना धरना समाप्त करने के लिए सहमत हुए मगर साथी ग्रामीणों से परामर्श करने के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया।'
उनके घर पर कानूनी कार्रवाई के लिए एक वैकल्पिक नोटिस चिपका दिया गया था
अधिकारियों के मुताबिक जब शर्मा को मनाने के प्रयास 10 जून को विफल हो गए, तो उनके घर पर कानूनी कार्रवाई के लिए एक वैकल्पिक नोटिस चिपका दिया गया था।हालांकि, मृतक देवकीनंदन के भाई ब्रजेंद्र ने आरोप लगाया कि पंचायत सहित सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे उनके भाई का अनशन समाप्त कराने के लिए तहसील प्रशासन ने कोई प्रयास नहीं किया।
वह केवल पानी या कुछ ग्लूकोज मिश्रित पानी ले रहे थे
उन्होंने कहा कि उनके भाई पिछले चार महीने से अपने घर के सामने एक मंदिर में उपवास पर थे। वह केवल पानी या कुछ ग्लूकोज मिश्रित पानी ले रहे थे।जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए मृतक के बारे में विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
