खालिस्तान समर्थक और अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के सहयोगियों के असम (Assam) की जेल में रखने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) को धमकी मिली है। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के मुखिया गुरपतवन सिंह पन्नू ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ धमकी जारी की है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धमकी भरा कॉल असम के पत्रकारों को किया गया था।
क्या कहा पन्नू ने
इंडिया टुडे के अनुसार पन्नू ने मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए कहा- "असम में कैद खालिस्तान समर्थकों को प्रताड़ित किया गया है। बहुत ध्यान से सुनो, सीएम सरमा, लड़ाई खालिस्तान समर्थक सिखों और भारतीय शासन के बीच है। बीच में न पड़ो।"
जनमत संग्रह की बात
धमकी भरे कॉल में एसजेएफ के जनरल काउंसिल ने आगे कहा कि सीएम सरमा, इस हिंसा का शिकार मत बनो। पन्नू ने कहा- "हम खालिस्तानी जनमत संग्रह की एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय कब्जे से पंजाब की मुक्ति की मांग कर रहे हैं। यदि आपकी सरकार छह (डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल के सहयोगियों) को प्रताड़ित और परेशान करती है, तो आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
पंजाब पुलिस की कार्रवाई
अमृतपाल सिंह और उनके संगठन 'वारिस पंजाब दे' के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई 18 मार्च को शुरू हुई थी। इससे पहले अमृतपाल सिंह पंजाब में काफी हिंसा और हंगामा कर चुका था। पुलिस ने जैसे ही अमृतपाल पर शिकंजा कसना शुरू किया वो फरार हो गया। पुलिस ने पीछा भी किया लेकिन अमृतपाल सिंह फरार होने में सफल रहा। उसने अब अपना हुलिया भी बदल लिया है। कहा जा रहा है कि अमृतपाल सिंह नेपाल में छिपा हुआ है और पाकिस्तान की मदद से खाड़ी देश भागने की फिराक में है।
कई गिरफ्तार
पंजाब पुलिस के हाथ से अमृतपाल सिंह तो बचा हुआ है, लेकिन उसके कई सहयोगी इस समय पुलिस की गिरफ्त में हैं। इनमें से छह को पंजाब पुलिस ने असम की जेल में रख रखा है। इसी को लेकर यह धमकी दी गई है।
