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Amit Shah Security Lapse: अमित शाह के काफिले का पीछा कर रहे थे दो युवक, रांची पुलिस ने किया गिरफ्तार

Amit Shah Security Lapse: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज रांची में हैं। वह भाजपा के एक कार्यक्रम में शामिल होने के रांची पहुंचे हैं। जब शाह एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे, तभी दो युवक बाइक लेकर उनके काफिले में घुस गए। पुलिस ने इनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया है।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।

Photo : Twitter

Amit Shah Security Lapse: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। रांची में भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उनके काफिले के बीच में दो युवक बाइक लेकर घुस गए। इन लोगों ने काफिले का पीछा करने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि ये लोग नशे में थे, उनसे पूछताछ की जा रही है।

ड्यूटी पर तैनात डीएसपी हटिया प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी काफिले में घुस नहीं पाए थे , लेकिन वह तेज गति से गाड़ी चला रहे थे और काफिले का पीछा कर रहे थे। इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार युवक नशे में थे , उनसे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एक युवक की पहचान अंकित और दूसरे मोहित के रूप में हुई है। दोनों को जगन्नाथपुर थाना ले जाया गया है।

एयरपोर्ट से निकलते ही हुई घटना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित शाह आज बीजेपी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची पहुंचे थे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जब उनका काफिला धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान की ओर बढ़ रहा था, तभी एक बाइक पर सवार दो युवक उनके काफिले में घुस गए और तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाने लगे। हालांकि, रूट लाइन पर खड़ी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और दोनों युवकों को पकड़ लिया।

विधानसभा चुनाव के लिए अभियान का शंखनाद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को रांची में झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के अभियान का शंखनाद कर दिया। यहां प्रभात तारा मैदान में आयोजित भाजपा की विस्तृत कार्यसमिति की सभा में कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्होंने राज्य की मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार को उखाड़ फेंकने और भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया। अमित शाह ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही झामुमो-कांग्रेस-राजद की सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है। भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता घर-घर जाकर इस सरकार के भ्रष्टाचार, घोटाले और वादाखिलाफी का दस्तावेज पहुंचाएंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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