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सरदार पटेल न होते तो शायद आज भारत का मानचित्र भी न होता, दिल्ली में बोले अमित शाह

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 31, 2023, 08:46 AM IST

Sardar Patel Jayanti: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, आजादी के बाद अंग्रेज इस देश को खंड-खंड होने के लिए छोड़ कर गए थे, उस वक्त 550 से ज्यादा रियासतों को कुछ ही दिनों में एकता के धागे में पिरो कर भारत माता का मानचित्र बनाने का काम हमारे लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था।

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अमित शाह

Photo : ANI

Sardar Patel Jayanti: देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आज पूरे देश में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने एकता की शपथ दिलाई और लोगों को संबोधित किया।

अमित शाह ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में सरकार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर उनको सम्मान देने का काम किया गया है। उन्होंने आगे कहा, पूरा देश 2014 से इस दिन को एकता दिवस के रूप में मनाता है। आजादी के बाद अंग्रेज इस देश को खंड-खंड होने के लिए छोड़ कर गए थे, उस वक्त 550 से ज्यादा रियासतों को कुछ ही दिनों में एकता के धागे में पिरो कर भारत माता का मानचित्र बनाने का काम हमारे लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था। अमित शाह ने कहा, अगर सरदार पटेल न होते तो शायद आज का भारत माता का मानचित्र भी न होता।

राष्ट्र को सर्वप्रथम बनाने का लें संकल्प

अमित शाम ने कहा कि यह सरदार पटेल के मजबूत इरादों का ही परिणाम है कि भारत का मानचित्र है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने कहा, अगर सरदार साहब न होते तो हम सब यहां न होते। हमें संकल्प लेना है कि देश जब आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा हो तो भारत श्रेष्ठ हो। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस राष्ट्र को सर्वप्रथम बनाएं।

पीएम मोदी पहुंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

सरदार पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के एकता नगर पहुंचे। उन्होंने, सरदार पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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